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Water Crisis: अकलतरा में पानी को लेकर मचा हाहाकार, धरने पर बैठे पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष पर लगाए निष्क्रियता के आरोप

Water Crisis: भीषण गर्मी में लोग पीने के पानी को लेकर परेशान है। धरने पर बैठे पार्षद विजय खण्डेल ने नगर पालिका अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं..

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पेयजल संकट को लेकर पार्षद का विरोध प्रदर्शन ( Photo - Patrika )

Water Crisis: अवीनाश.जांजगीर चांपा जिले के अकलतरा नगर पालिका परिषद में पेयजल संकट को लेकर राजनीति गर्मा गई है। वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद विजय खण्डेल ने आज नगर पालिका के मुख्य द्वार के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वार्ड में लंबे समय से बनी पानी की समस्या एवं विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Water Crisis: जानबूझकर परिषद की बैठक नहीं बुलाई

धरने पर बैठे पार्षद विजय खण्डेल ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा जानबूझकर परिषद की बैठक नहीं बुलाई जा रही है, जिसके कारण नगर के विभिन्न विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिषद की बैठक नहीं होने से कई जरूरी प्रस्ताव लंबित हैं और आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है।

कई वार्ड सूखाग्रस्त स्थिति में

पार्षद ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच नगर के कई वार्ड सूखाग्रस्त स्थिति में पहुंच चुके हैं। लोगों को प्रतिदिन पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है तथा कई परिवार टैंकर के भरोसे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन और अध्यक्ष समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे।

विजय खण्डेल ने कहा यदि नगर पालिका अध्यक्ष को वास्तव में नगर की जनता की चिंता होती, तो गर्मी शुरू होने से पहले ही परिषद की बैठक बुलाकर पेयजल व्यवस्था, बोर खनन एव अन्य आवश्यक कार्यों पर निर्णय लिया जाता। लेकिन वर्तमान स्थिति से साफ है कि नगर की जनता की समस्याओं से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है।

लगाए कई गंभीर आरोप

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार लिखित आवेदन देने के बावजूद वार्ड क्रमांक 16 में चिन्हित स्थान पर बोर खनन और पाइपलाइन विस्तार का कार्य शुरू नहीं किया गया, जिससे लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। धरना स्थल पर वार्ड के नागरिकों ने भी नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर में पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए जनता को आंदोलन करने की नौबत आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। धरने को लेकर अब नगर की राजनीति भी गरमाने लगी है और नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।