
Chhattisgarh news: लीलागर नदी में ढाबाडीह कोसीर स्थित एनीकट का रास्ता जानलेवा साबित हो रहा है। एक साल पहले इसी एनीकट से बहकर धनगांव के एक युवक की जान चली गई थी पर इस घटना के बाद भी सिस्टम नहीं जागा। नतीजा रविवार 16 अगस्त की सुबह यहां पर फिर से उसी तरह की घटना की पुनरावृत्ति हो गई। एनीकट को पार करते समय एक महिला नदी में बह गई। इस घटना से अब ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ढाबाहीह (कोसीर)-टांगर (विद्याडीह) के बीच लीलागर नदी में हाईलेबल ब्रिज का निर्माण दो बार बजट में शामिल किया जा चुका है लेकिन 4 साल बाद भी ब्रिज निर्माण के लिए एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। पुल नहीं होने के चलते आज भी दर्जनों गांव के लोगों को कई किमी का चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है या फिर एनीकट का सहारा लेना पड़ता है और जानलेवा साबित हो रहा है।
रविवार की सुबह पामगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम जेवरा निवासी रमा बाई पति अजीत चौहान उम्र 40 वर्ष घर से मायके जाने के लिए निकली थी और पैदल एनीकट को पार कर रही थी। इस दौरान वह एनीकट से नदी में बह गई। इससे वहां हडक़ंप मच गया। सूचना पामगढ़ पुलिस को दी गई। जिस पर पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुुंची। साथ ही पामगढ़ तहसीलदार अमरनाथ श्याम भी राजस्व अमले के साथ वहां पहुंचे और एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने नदी में काफी मशक्कत की पर महिला का पता नहीं चल पाया। रात होने से सर्च अभियान रोकना पड़ा। घटना के बाद एनीकट पर बेरिकेटिंग कर आवागमन फिलहाल रोक दिया गया है।
जिले के ढाबाहीह (कोसीर)-टांगर (विद्याडीह) के बीच लीलागर नदी में हाईलेबल ब्रिज और सडक़ निर्माण कार्य के लिए पहली बार 2021-22 के बजट में 5 करोड़ रुपए की प्रशासकीय मिली थी। दो बार सेतु विभाग की ओर से टेंडर निकाला गया पर नदी पर पुल नहीं बना। प्रदेश में सरकार बदल गई और काम आगे ही नहीं बढ़ा। इस मामले को पिछले साल विस सत्र के दौरान पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश ने ब्रिज निर्माण का मामला भी उठाया था तब विभागीय मंत्री तक यह नहीं बता पाए थे कि यहां पर पुल कब तक बनना शुरू होगा। हालांकि इसके बाद 2026-27 में बजट में पुन: शामिल कर लिया गया है लेकिन अब तक पुल निर्माण का अता-पता नहीं है।
पिछले साल 25 अगस्त को इसी एनीकट से युवक की जान चले जाने से एक घर का चिराग बुझ गया था। धनगांव का रहने वाला 25 वर्षीय युवक पारस कुर्रे पिता बरातू कुर्रे एनीकट से नदी में बह गया था। गोताखोरों की मदद से 27 घंटे बाद जाकर उसकी लाश मिली थी। तब भी ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के प्रति रोष जताया था लेकिन घटना के बाद भी सिस्टम नहीं जागा और फिर एक महिला हादसे का शिकार हो गया। जिसके बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश ने कहा कि एनीकट में यह दूसरी बार ऐसी घटना घटी है। सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। शासन-प्रशासन और मौतों का इंतजार न करें। 2026-27 के बजट में शामिल किया जा चुका है। शासन-प्रशासन तत्काल इसकी प्रशासकीय स्वीकृति दें और अगले बरसात के पूर्व प्राथमिकता के साथ पुल का निर्माण पूर्ण कराया जाए।