जांजगीर चंपा

तमिलनाडु में बंधक बने 50 मजदूरों की घर वापसी शुरू, दर्दनाक आरोप- मजदूरी तक नहीं दी, सरकार देगी आर्थिक सहायता

50 labourers rescued from Thiruvallur: रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए लगभग 50 श्रमिकों के साथ बंधक बनाकर जबरन काम कराने और उचित मजदूरी न दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
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तमिलनाडु से मजदूर निकल गए हैं (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News:छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए लगभग 50 श्रमिकों के साथ बंधक बनाकर जबरन काम कराने और उचित मजदूरी न दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में महिलाओं और बच्चों के भी शामिल होने की जानकारी है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

जानें पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन श्रमिकों को कथित तौर पर गौशाला संचालन से जुड़े एक व्यक्ति और उसकी पत्नी द्वारा बंधक बनाकर रखा गया और उनसे जबरन काम कराया जा रहा था। इसके साथ ही उन्हें मजदूरी भी पूरी तरह या उचित रूप से नहीं दी जा रही थी। जैसे ही यह शिकायत प्रशासन तक पहुंची, तुरंत उच्च स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित श्रमिकों से संपर्क स्थापित किया। इस दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने स्वयं पीड़ित श्रमिकों से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। प्रशासन की सक्रियता के बाद तमिलनाडु प्रशासन से समन्वय स्थापित किया गया और श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित स्थानीय प्रशासन की मदद से सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि सभी श्रमिक अब सुरक्षित रूप से वहां से रवाना हो चुके हैं और उनके गृह जिले की ओर लौट रहे हैं। तिरुवल्लूर प्रशासन द्वारा श्रमिकों के लिए भोजन, यात्रा टिकट सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही सभी श्रमिकों को अवमुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए, ताकि उनकी वापसी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

श्रमिकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू

जिला श्रम पदाधिकारी समीर मिश्रा ने बताया कि प्रशासन लगातार श्रमिकों और तमिलनाडु के अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी श्रमिक सुरक्षित रूप से अपने-अपने गृह ग्राम तक पहुंच जाएं। प्रशासन द्वारा पूरी वापसी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और समन्वय बनाए रखा गया है। इसके अलावा, प्रभावित श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि उन्हें आगे किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

फिलहाल पूरा प्रशासनिक तंत्र इस मामले पर नजर बनाए हुए है और श्रमिकों की सुरक्षित वापसी एवं उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

Updated on:
03 Jun 2026 01:09 pm
Published on:
03 Jun 2026 08:31 am