अमलीडीह के स्कूल में बनाए जा रहे अहाते में गड़बड़ी
जांजगीर-अमलीडीह. ग्राम पंचायत अमलीडीह के स्कूल में बनाए जा रहे अहाते में गड़बड़ी की शिकायत व उसकी जांच के बाद भी अधिकारी कार्रवाई से बचने उपाय खोज रहे हैं। जांच प्रतिवेदन देने के बाद भी नहीं मिलने का हवाला देते हुए अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्राम के स्कूल भवन में पंचायत द्वारा अहाता का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें जमकर गड़बड़ी हुई है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर से की थी, जिसके आधार पर आरईएस के एसडीओ को जांच अधिकारी बनाकर भेजा गया था। एसडीओ द्वारा जांच में कई गड़बड़ी पाई गई थी,
जिसका प्रतिवेदन उन्होंने जनपद सीईओ व कलेक्टर को भेज दिया है। प्रतिवेदन मिलने के 15 दिनों बाद भी सरपंच व सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में बताया जा रहा है कि मिडिल स्कूल में बिना नीव व कॉलम डाले ही अहाता का निर्माण किया गया है। बिना नींव डाले बनाए गए अहाता में सिमेंट भी कम मात्रा में डाली गई है। हालत यह है कि अहाता को कोई हाथ से भी रगड़ दे तो उसमें से सीमेंट झड़ रही है।
इस अहाता के निर्माण के लिए 7.5 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। शिकायत के बाद आरईएस के एसडीओ जाधव ने जांच की और बताया है कि निर्माण में घटिया सामाग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई है।
सीईओ व एसडीओ के अलग बयान
जनपद पंचायत मालखरौदा के सीईओ तथा आरईएस के एसडीओ की अहाता निर्माण मामले की जांच को लेकर अलग-अलग बयान है। सीईओ वीके सोनी का कहना है कि जांच प्रतिवेदन अब तक नहीं मिली है, जबकि एसडीओ एसआर जाधव का कहना है कि जांच के बाद प्रतिवेदन संबंधित अधिकारियों को दिया जा चुका है।
आगे की कार्रवाई का अधिकार उन्हें है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि मामले में सरपंच व सचिव ने जमकर गड़बड़ी की है। कई जगहों पर मानकों का खयाल नहीं रखा गया है।