जांजगीर चंपा

Agniveer Result 2025: माता-पिता पलायन कर ईंट बनाने का कर रहे काम, बेटे बने अग्निवीर

Agniveer Result 2025:इन युवाओं का चयन अग्निवीर में होने से गांव के युवाओं ने जमकर खुशी मनाते हुए केक काटकर गांव में पटाखे फोड़े और मिठाई बांटी। इस दोस्ती को देखकर लोगों ने जमकर तारीफ की।

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अग्निवीर समेत कई पदों की भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी(photo-patrika)

Agniveer Result 2025: अनिल चंद्रा/जैजैपुर ब्लाक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तुषार में दो युवाओं का अग्निवीर में चयन हुआ है। दोनों युवाओं ने इसकी परीक्षा के लिए जी तोड़ मेहनत की थी। एक ऐसे परिवार के युवा जिनके माता पिता मेहनत मजदूरी कर ईंट बनाकर रोजी मजदूरी करते हैं। इस परिवार में अब खुशी का ठिकाना नहीं है। अब अपने होनहार बेटों के सपने को पंख लगाने के लिए मजदूरी करते हैं।

Agniveer Result 2025: परिवारों में खुशी का माहौल

दोनों युवाओं के माता-पिता अपने बेटों को किसी भी प्रकार के काम करने के लिए मना करते थे, ताकि ओ अपना सपना पूरा कर सकें। इन युवाओं का चयन अग्निवीर में होने से गांव के युवाओं ने जमकर खुशी मनाते हुए केक काटकर गांव में पटाखे फोड़े और मिठाई बांटी। इस दोस्ती को देखकर लोगों ने जमकर तारीफ की। दोनों जवानों ने अपने माता, पिता गुरुजनों के साथ साथ पूरे ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए सती दाई से अपने कुशल जीवन के लिए आशीर्वाद मांगी।

एकेडमी के एक ऐसे शिक्षक उत्तम चंद्रा जो अपने वेतन से बच्चों को फ्री में पुस्तक देते हैं तो वहीं सरस्वती शिशु मंदिर के संचालक लीलाधर सिंह चंद्रा के द्वारा अपने स्कूल में इन युवाओं के पढ़ने के लिए कमरा और बैठने के लिए टेबल की व्यवस्था की गई है। सहयोगी के रूप में डॉ. गौतम चंद्रा, शिक्षिका उमा चंद्रा, बटालियन पुलिस के जवान जगेश्वर चंद्रा इन सभी लोगों के मेहनत का रंग अब दिखने लगा है।

मनीष भारद्वाज का अग्निवीर में चयन

मनीष भारद्वाज के पिता अपने दिनचर्या के मिस्त्री के काम करते हैं और माता गृहणी हैं। यह परिवार भी कमाने खाने के लिए बाहर गए हुए हैं। बेटे का सपना था एक दिन वह भी भारत माता की सेवा कर सके। एक ऐसा परिवार जहां दो भाई दो बहन तैयारी में चारों लगे हैं। मनीष भारद्वाज के अग्निवीर में चयन होने पर पूरे परिवार में खुशी है।

ईट भट्ठा में मजदूरी करने गए हैं माता पिता

Agniveer Result 2025: राज भारद्वाज के पिता सुनील भारद्वाज के परिवार में चार सदस्य हैं। एक भाई एक बहन को छोड़कर माता पिता मेहनत मजदूरी करने ईट भट्ठा गए हैं। दोनों भाई बहन घर में रहकर अपनी तैयारी कर रहे थे। जैसे ही माता -पता को पता चला कि उनके एकलौते बेटे का चयन भारत माता की सेवा करने के लिए हुआ है, इस खुशी में अपने साथ में काम करने वाले साथियों को मिठाई बांट कर खुशी मनाई खुशी से छोटी बहन झूम उठी।

Published on:
23 Mar 2025 05:47 pm
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