
टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में जैजैपुर क्षेत्र के समाज सेवी बालेश्वर साहू उपस्थित हुए। क्षेत्र में साहू लोगों की मदद करने के लिए जाने जाते हैं। उनका मानना रहा कि सभी लोगों को हमेशा समाज सेवा करने के लिए तत्पर रहना चाहिए।
समाज सेवी साहू ने बताया कि कोई भी इंसान परिपूर्ण नहीं है। कोई ना कोई कमी सभी की होती है। इसी संदर्भ में कभी भी उसे सहयोग की आवश्यकता पड़ जाती है। इसके लिए परेशान होने की जरुरत नहीं है। आप अगर किसी को समय पर सहयोग करेंगे, तो निश्चित ही इसका फल आपको मिलेगा और आप के समय में सहयोग करने कोई ना कोई सामने आएगा। हालांकि समाज सेवा निर्विकार भाव से करनी चाहिए और सभी को करनी चाहिए।
इसी भावना के साथ साहू व उनकी टीम क्षेत्र में लोगों की सेवा करने हमेशा तत्पर रहते हैं, जिससे उन्हें क्षेत्र में पहचान मिली है। साथ ही साहू क्षेत्र के अच्छे कृषक भी हैं और किसानों को भी हर संभव सहायता करने तैयार रहते हैं। वे क्षेत्र के किसानों को अच्छी किस्म की बीज सस्ते दर पर उपलब्ध कराने हमेशा तैयार रहते हैं। उनका बीज प्रसंस्करण केंद्र है, जहां धान, गेहूं, राहर, तिल आदि फसलों का बीज तैयार किया जाता है।
उन्होंने किसानों की समस्या को उठाते हुए बताया कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसान सबसे ज्यादा त्रस्त हैं। इसके पंजीयन की प्रक्रिया बहुत जटिल है। पंजीयन प्रक्रिया को सरल करने के साथ ही धान खरीदी में भी होने वाली समस्याएं दूर करने की आवश्यकता है। शासन-प्रशासन से धान खरीदी प्रक्रिया को आसान करने का आग्रह करते हुए किसान हित को ध्यान रखने की बात कही। धान खरीदी केंद्र में प्रभारी की मनमानी व धान तौल में गड़बड़ी आम बात है, जिसकी शिकायत प्रशासन से की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता
समाज सेवी साहू ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि युवा बेरोजगार हो रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में यह प्रावधान होना चाहिए कि युवाओं को कॉलेज स्तर पर ही रोजगार ? सुनिश्चित किया जाए, जिससे पढ़ाई की ओर रुझान बढ़ेगा और पालक भी बच्चों को स्कूल, कॉलेज भेजने रूचि दिखाएंगे। शिक्षा महंगी होती जा रही है। गरीब व किसान अपने खेत बेचने मजबूर हैं, फिर भी उनका बेटा बेरोजगार घूम रहा है। उन्होंने बच्चों व युवाओं से भी रोजगारमूलक शिक्षा की ओर ध्यान देने का आग्रह किया है।