जांजगीर चंपा

VIDEO- अनेस्थिशिया विशेषज्ञ के नहीं होने पर दूसरे अस्पताल से डॉक्टर बुलाकर किया जाता है ऑपरेशन

- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी नहीं विशेषज्ञ
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अनेस्थिशिया विशेषज्ञ के नहीं होने पर दूसरे अस्पताल से डॉक्टर बुलाकर किया जाता है ऑपरेशन

जांजगीर-चांपा. 100 बिस्तर वाले जिला अस्पताल में चाहे जितनी भी बड़ी सुविधा प्रदान क्यों न उपलब्ध कराई गई हो, लेकिन एक अनेस्थिशिया विशेषज्ञ के चलते आपरेशन करने वाले डॉक्टर को उस वक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है जब अनेस्थिशिया विशेषज्ञ अस्पताल में मौजूद नहीं रहता। न केवल मरीज को बिस्तर में लिटाकर आपरेशन में विलंब का सामना करना पड़ता है वहीं इस बदइंतजामी के चलते सर्जन को भी तकलीफों का सामना करना पड़ता है।

कभी-कभार तो उधार के अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की व्यवस्था कर आनन फानन में आपरेशन करना पड़ता है। जिला अस्पताल में इस तरह की परेशानी कोई नई बात नहीं है। आए दिन इस तरह की परेशानी के चलते आपरेशन करने वाले डॉक्टर को दो-चार होना पड़ता है।

जिला अस्पताल के ओपीडी में हर रोज औसतन 250 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा 10 से 15 मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें आपरेशन की जरूरत होती है। खासकर प्रसव के दौरान महिलाओं के आपरेशन के लिए अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की अधिक जरूरत पड़ती है। इसके अलावा सड़क दुर्घटना या मोतियाबिंद के आपरेशन सहित अन्य गंभीर किस्म के मरीजों के आपरेशन के दौरान अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की जरूरत होती है। ऐसे समय में जिला अस्पताल में मात्र एक अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की पदस्थापना जिला अस्पताल में की गई है। इनके नहीं होने पर जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों को उधार के डॉक्टर को जिला अस्पताल बुलाया जाता है और किसी तरह आपरेशन की जाती है।
कितने पद हैं।

100 बिस्तर वाले जिला अस्पताल में अनेस्थिशिया विशेषज्ञ के दो पद हैं। इसके अलावा सामुदायिम स्वास्थ्य केंद्रों में भी एक दर्जन पद स्वीकृत है। जिसमें कई सीएचसी में अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की पोस्टिंग नहीं है। विशेषज्ञ के नहीं होने पर दूसरे अस्पतालों डॉक्टर बुलाकर आपरेशन संचालित किया जाता है। जिला अस्पताल में मात्र एक अनेस्थिशिया विशेषज्ञ से काम चलाया जा रहा है।

क्यों नहीं मिल पा रहे
जिले में अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले भर में मात्र आधा दर्जन अनेस्थिशिया विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। जिसमें जांजगीर में दो चांपा में दो और अकलतरा सक्ती में एक-एक डॉक्टर हैं। अनेस्थिशिया विशेषज्ञों की देश स्तर में कमी बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी पढ़ाई करने वाले कम हैं। इस विशेषज्ञ का स्कोप कम होने के कारण इसकी पढ़ाई में भी डॉक्टरों की रुचि नहीं है। जिसके चलते अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है।

औसतन कितना विलंब
जिला अस्पताल में औसतन हर रोज 10 से 15 आपरेशन होते हैं। आपरेशन के पहले अनेस्थिशिया विशेषज्ञ को पहले बुलाया गया होता है। उनके इंतजार में औषतन हर रोज 10 से 15 मिनट विलंब होता है। तब तक प्रारंभिक ट्रीटमेंट कर मरीजों को बिस्तर में लिटाया जाता है। इससे मरीजों के अलावा डॉक्टरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जिले में एक अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। जिला अस्पताल में एक डॉक्टर की पोस्टिंग है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अनेस्थिशिया विशेषज्ञ की पोस्टिंग के लिए राज्य शासन को पत्र लिखा गया है- डॉ. वी जयप्रकाश

Published on:
27 Feb 2018 06:27 pm
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