
जांजगीर-चांपा. विद्युत वितरण कंपनी वित्तीय वर्ष के अंत में बिजली बिल की वसूली के लिए शख्त नजर आ रही है। विभाग के पास जिले में 100 करोड़ की वसूली का बड़ा आंकड़ा है। जिसमें कम से कम 25 फीसदी वसूली फरवरी व मार्च के बीच करने का बोझ है। यही वजह है कि विभाग बिजली बिल नहीं पटाने वालों के कनेक्शन लगातार काट रही है। बीते दो माह के भीतर जिले भर में 20 हजार से अधिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं।
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विद्युत मंडल बकाया बिजली बिल को लेकर अच्छा खासा परेशान है। 50 प्रतिशत लाइन लास के बाद लगभग 100 करोड़ का बकाया बिजली बिल ने विभाग को कटघरे में ला दिया है। विभागीय कर्मचारियों को बिल की वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। प्रत्येक सब स्टेशन के कर्मचारियों को बिजली बिल की वसूली के लिए बड़े बकायादारों के दरवाजा खटखटाने कहा गया है।
खासकर विभागीय दफ्तरों के बकाएदारों ने विभाग का बंटाधार कर दिया है। 36 विभाग के तकरीबन 10 करोड़ रुपए का बिजली बिल बाकी है। वहीं सभी प्रकार के उपभोक्ता मिलाकर 100 करोड़ का बिजली बिल शेष है। जिसकी वसूली विभाग को 31 मार्च तक हर हाल में करनी है। खासकर ग्रामीण अंचलों में बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही है।
विभागीय कर्मचारियों ने बिजली बिल नहीं पटाने वालों के बीते दो माह के भीतर 20 हजार कनेक्शन काट दिए हैं। इसके बाद भी बिजली बिल नहीं पट रहा है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं पर दबाव बनाने के बाद वे धान का पैसा मिलने का बहानेबाजी कर रहे थे। धान का पैसा मिलने के बाद भी किसान बकाया बिजली बिल पटाने राजी नहीं हो रहे हैं। इसके कारण उनका बिजली कनेक्शन काटा जा रहा है।
दबाव बनाए तो पटाए दो करोड़
बिजली बिल नहीं पटाने वाले शासकीय दफ्तरों का कनेक्शन भी काटा जाएगा। ऐसे विभागों को अल्टीमेटम दे दिया गया है। अल्टीमेटम मिलते ही शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, नल-जल योजना, नगरपालिका के अलावा आधा दर्जन विभागों ने लगभग दो करोड़ का बिजली बिल हाल ही में जमा किया है। कुछ ऐसे ही दबाव नगरपालिका व नगर पंचायतों पर बनाया जा रहा है। गर्मी के दिनों में पानी की समस्या को लेकर ऐसे विभाग प्रमुखों ने भी बिल पटाने की बात की है।
मारपीट के लिए हो रहे आमादा
विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए उपभोक्ताओं पर लगातार दबाव बना रहे हैं। अफसरों के साथ कर्मचारी घर-घर दस्तक भी दे रहे हैं। इस दौरान कर्मचारियों को ऐसे भी डिफाल्टर उपभोक्ता मिल रहे हैं जो बिल पटाने के बजाए कर्मचारियों से दादागीरी कर रहे हैं। हद तो तब हो रही है जब अधिक दबाव बनाने की स्थिति में कर्मचारियों से मारपीट भी करना शुरू दिए है। बीते छह माह के भीतर विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों से आधा दर्जन कर्मचारियों से मारपीट हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट जिले के विभिन्न थानों में दर्ज कराई गई है।
काटे जाएंगे कनेक्शन
बिजली बिल की वसूली के लिए विभाग शख्त है। वित्तीय वर्ष के अंत तक बिजली बिल की वसूली करनी है। वसूली नहीं होने पर बाकाया बिल वालों का कनेक्शन काटे जाएंगे- पीएल सिदार, कार्यपालन अभियंता जांजगीर