Breaking News: किसान से लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांजगीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जैजैपुर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को गिरफ्तार कर लिया है।
Big Breaking News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। किसान से लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांजगीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जैजैपुर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को चालान पेश किए जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया।
विधायक साहू को 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चांपा थाना में IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज है।
मामला वर्ष 2015 से 2020 के बीच का है, जब बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। पीड़ित किसान राजकुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके बैंक खाते से 42 लाख 78 हजार रुपये की राशि अलग-अलग किस्तों में निकाली गई।
आरोप है कि विधायक साहू ने अपने अधीनस्थ गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाकर यह रकम निकाली। इस मामले में गौतम राठौर की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि अक्टूबर महीने में किसान की शिकायत पर चांपा थाने में विधायक और उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार को कोर्ट में चालान पेश किया गया, जिसके बाद विधायक की गिरफ्तारी हुई।
विधायक बालेश्वर साहू पर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोहित देवांगन नामक व्यक्ति ने कथित रूप से विधायक की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जो सारागांव थाना में उपलब्ध बताया जा रहा है। हालांकि इस मामले में अब तक निष्पक्ष जांच नहीं होने के आरोप भी लगाए गए हैं और मामला लंबित है।
जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू का विवादों से पुराना नाता रहा है। विधायक बनने से पहले भी उन पर घर में घुसकर मारपीट करने के आरोप लगे थे। इसके अलावा चांपा स्थित मकान में पड़ोसियों से मारपीट के मामले में भी उनके खिलाफ अपराध दर्ज हो चुका है। हालांकि कूटरचना का यह मामला लगभग 10 साल पुराना बताया जा रहा है, जब वे विधायक नहीं थे। फिलहाल विधायक की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।