जांजगीर चंपा

पटाखा लाइसेंस के नाम पर क्लर्क खुलेआम ले रहा था घूस, वीडियो हुआ वायरल

- एसडीएम से शिकायत के बाद क्लर्क को हटाया
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पटाखा लाइसेंस के नाम पर क्लर्क खुलेआम ले रहा था घूस, वीडियो  हुआ वायरल
पटाखा लाइसेंस के नाम पर क्लर्क खुलेआम ले रहा था घूस, वीडियो हुआ वायरल

जांजगीर-चांपा. एसडीएम कार्यालय जांजगीर के क्लर्क को पटाखा लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली करना महंगा पड़ गया। पटाखा व्यवसायियों से पांच-पांच सौ के 18 नोट यानी 9 हजार रुपए घूस लेते वीडियो शहर में वायरल हुई तो एसडीएम ने क्लर्क को तत्काल प्रभाव से उस शाखा से हटा दिया है। हालांकि यह कार्रवाई छोटी हुई है, जिसे लेकर शहर में कई तरह की चर्चाएं व्याप्त है। एसडीएम कार्यालय में क्लर्क के रूप में पदस्थ केके उपाध्याय को इन दिनों पटाखा लाइसेंस नवीनीकरण का भी प्रभार दिया गया था, लाइसेंस नवीनीकरण के उनके पास दर्जनों आवेदन लंबित थे।

उपाध्याय द्वारा प्रत्येक आवेदन के पीछे एक-एक हजार रुपए की मांग की गई थी। व्यवसायी पांच-पांच सौ रुपए देने के लिए राजी थे, लेकिन वे मान नहीं रहे थे। इधर पटाखा व्यवसाय का दिन भी नजदीक आ चुका था। इससे व्यवसायियों में बेचैनी थी। व्यवसायी 4 नवंबर यानी दिवाली के पूर्व क्लर्क उपाध्याय के पास लाइसेंस के कागजाते लेने गए, लेकिन उपाध्याय एक-एक हजार रुपए के बिना लाइसेंस नहीं देने पर अड़े रहे, इसी दौरान एक व्यवासायी ने उपाध्याय का पैसे लेते वीडियो बना लिया, जिसमें उपाध्याय द्वारा एक लाइसेंस के पीछे एक हजार रुपए की मांग की जा रही थी। इधर व्यवसायी प्रत्येक लाइसेंस के पीछे पांच-पांच सौ रुपए देने की बात कर रहे थे, लेकिन वे मान नहीं रहे थे।
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आखिरकार उपाध्याय को उनकी मांग के मुताबिक रकम पांच-पांच सौ के 18 नोट यानी 9 हजार रुपए उपाध्याय को दिया तब उपाध्याय ने व्यवसायियों को लाइसेंस सौंपा। उपाध्याय के हठधर्मिता से नाखुश व्यवसायी ने उक्त वीडियो को वायरल कर दिया। इतना ही नहीं इस मामले की शिकायत एसडीएम व कलेक्टर से भी की गई। इसके बाद एसडीएम ने उक्त क्लर्क का लाइसेंस शाखा से हटा दिया है।

एसीबी से पकड़े जाते तो जा सकती थी नौकरी
एक क्लर्क द्वारा खुलेआम घूस लेने की वीडियो वायरल होने के बाद उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई नहीं होना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि क्लर्क का एसडीएम से गहरा संबंध था। लोगों का कहना है कि यदि एसीबी की टीम उन्हें पकड़ती तो उनकी नौकरी भी जा सकती थी। हालांकि अब लोगों ने मन बना लिया है कि ऐसे घुसखोर क्लर्क के खिलाफ एसीबी से शिकायत की जाएगी।

पहले भी लग चुके आरोप
एसडीएम कार्यालय में पदस्थ क्लर्क उपाध्याय पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। इससे पहले कमिश्नर कार्यालय बिलासपुर में वे पदस्थ किए गए थे। वहां भी काम के एवज में रुपए मांगने का आरोप लगा था। इसके बाद उन्हें वहां से हटाकर जांजगीर एसडीएम कार्यालय पदस्थ किया गया था। फिलहाल वे लंबे समय से एसडीएम कार्यालय जांजगीर में ही पदस्थ हैं। उनका एसडीएम से बेहतर संबंध होना बताया जा रहा है। यही वजह है कि उनके खिलाफ घूस लेते वीडियो वायरल होने के बाद भी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई की गई है

-क्लर्क केके उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उससे लाइसेंस शाखा का प्रभार छीन लिया गया है। उसके प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है - अजय उरांव, एसडीएम

Updated on:
11 Nov 2018 05:25 pm
Published on:
11 Nov 2018 05:25 pm
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