CG Crime: कद्दावर नेता और कांग्रेस के पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, उनके दो बेटे आयुष और आशुतोष अपनी छोटी बहन के साथ एक कमरे में सो रहे थे। माता-पिता दूसरे कमरे में थे।
CG Crime: प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम करही में गुरुवार की देर रात खूनी खेल खेला गया। यहां कांग्रेस नेता के घर में घुसकर तीन नकाबपोश युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में दो सगे भाइयों को निशाना बनाया गया, जिसमें बड़े भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले की पुलिस अलर्ट मोड पर है। घटना उस वक्त की है जब सम्मेलाल कश्यप का पूरा परिवार घर में चैन की नींद सोया था।
सम्मेलाल कश्यप, जो क्षेत्र के कद्दावर नेता और कांग्रेस के पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, उनके दो बेटे आयुष और आशुतोष अपनी छोटी बहन के साथ एक कमरे में सो रहे थे। माता-पिता दूसरे कमरे में थे। रात करीब 12 बजे, बाइक पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश बदमाश घर के पिछले दरवाजे से अंदर दाखिल हुए। आरोपियों ने सीधे उस कमरे का रुख किया, जहां आयुष और आशुतोष सो रहे थे।
हमलावरों ने दोनों भाइयों के सिर पर पिस्टल तान दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बदमाशों ने आयुष के सीने और कंधे पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई आशुतोष पर भी गोलियां चलाई गईं, जो उसके कंधे पर लगी। गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख-पुकार सुनकर पूरा गांव दहल उठा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों लहूलुहान भाइयों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन बड़े भाई आयुष कश्यप की बिर्रा पहुंचते ही मृत्यु हो गई। वहीं, आशुतोष को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही दोनों जिलों के एसपी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आरोपियों की तलाश में टॉवर डंप तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयुष एक उभरता हुआ व्यवसायी था और उसकी तरक्की ही उसकी दुश्मन बन गई। पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है। आयुष ने महज छह माह पहले ही नई जेसीबी और दो हाइवा खरीदे थे। वह रेत उत्खनन के कारोबार में तेजी से आगे बढ़ रहा था। पुलिस को शक है कि रेत माफियाओं के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया होगा। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ दिनों पहले आयुष का कुछ स्थानीय युवकों के साथ विवाद हुआ था। पुलिस उन युवकों की कुंडली खंगाल रही है। आयुष रेत, सीमेंट और सरिया के बड़े कारोबार के साथ-साथ ब्याज पर पैसे देने का काम भी करता था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं किसी बड़े लेनदेन को लेकर तो यह हमला नहीं हुआ।
करही रेत घाट अब पूरे प्रदेश में अपनी उच्च गुणवत्ता वाली रेत के साथ-साथ खूनी संघर्ष के लिए भी चर्चित हो चुका है। यहां महानदी से निकलने वाली रेत पर कब्जा जमाने के लिए रेत माफिया किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। गौरतलब है कि सितंबर 2025 में भी यहां एक उप-सरपंच की हत्या कर दी गई थी, जिसका कारण कमाई का हिस्सा दबाना बताया गया था। उसके बाद बदले की भावना में दो अन्य लोगों को जहर देकर मार दिया गया। अब आयुष की हत्या ने इस खूनी सिलसिले को आगे बढ़ा दिया है।
वारदात की खबर फैलते ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। उसके पिता के पूर्व कांग्रेस मंडल अध्यक्ष होने के नाते कांग्रेस पार्टी ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है। विधायक बालेश्वर साहू, विधायक ब्यास कश्यप और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बिर्रा बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों का आरोप है कि भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और रेत माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
गुरुवार देर रात करही गांव में एक घर के भीतर घुसकर गोलीबारी की घटना हुई है। हमले में एक युवक की मौत हुई है और उसके छोटे भाई का उपचार जारी है। पुलिस की टीम हर संभव एंगल से जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान के लिए साइबर सेल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। जल्द ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
-उमेश कश्यप, एएसपी जांजगीर-चांपा