CG News: प्राइवेट स्कूलों के साथ सरकारी स्कूल भी दोपहर तक चल रहे हैं। इसके चलते नौनिहालों को चिलचिलाती धूप और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश प्राइवेट स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर डेढ़ बजे छुट्टी हो रही है।
CG News: जांजगीर-चांपा जिले में राहत का सिस्टम फेल नजर आ रहा है। कहीं स्कूल दोपहर 12 बजे तक कहीं 1 बजे तक लगाए जा रहे हैं। ऐसे में स्कूल से लौटते समय चिलचिलाती धूप में नौनिहाल झुलस रहे हैं। इतना ही नहीं कई स्कूलों में कूलर तो दूर पंखों तक के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जहां बच्चे गर्मी से बेहाल हो रहे हैं।
कई बच्चे को स्कूल से लौटने के बाद डिहाड्रेशन का शिकार भी रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार जिला प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है। जिले में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। इसके चलते पिछले चार-पांच दिनों से सूरज आग उगने लगा है। वहीं दिन में गर्म हवाओं के थपेड़ों के साथ लू भी चलने लगी है। ऐसे मौसम में स्कूलों का समय अभी तक नहीं बदला है।
प्राइवेट स्कूलों के साथ सरकारी स्कूल भी दोपहर तक चल रहे हैं। इसके चलते नौनिहालों को चिलचिलाती धूप और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश प्राइवेट स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर डेढ़ बजे छुट्टी हो रही है। वहीं बच्चों को ऑटो-टैंपों में घर पहुंचते-पहुंचते दोपहर 2 बज जाते हैं। दोपहर में गर्मी और तीखी धूप से लू लगने का खतरा रहता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरित असर पड़ सकता है।
यही स्थिति सरकारी स्कूलों पढ़ने वाले बच्चों की है। सरकारी स्कूलों का समय सुबह 7 से 11 व दूसरा पाली में दोपहर 3 बजे तक स्कूल लगने का फरमान जारी किया गया है। यह फरमान भी गलत साबित हो रहे है। जबकि वर्तमान में सुबह 10 बजे से बाहर निकलना खतरा से खाली नहीं है। ऐसे में नौनिहाल को धूप में क्या हाल होता होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है।
वैसे गर्मी के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थित कम है। अभिभावकों का कहना है कि तपन बढ़ने और लू चलने की स्थिति में स्कूलों का समय बदलकर सुबह जल्दी होना चाहिए, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कतें न हो। या फिर पूरी तरह से छुट़्टी दे दी जानी चाहिए, ताकी भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
अश्वनी भारद्वाज, डीईओ: समय तो बदला गया है। निजी स्कूल संचालक पालन नहीं कर रहे हैं तो गलत है। निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
CG News: भीषण गर्मी को देखते को जिला प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी किया गया है। गर्मी से बचाव के उपाय बताए गए हैं, लेकिन इस गर्मी में बच्चे स्कूल से लौट रहे हैं वे डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हं। लेकिन जिम्मेदारों को बच्चों की चिंता नहीं है। चाहते तो समय को और कम किया जा सकता था। 9 बजे तक छुट्टी दी जा सकती है। बच्चों पर दया तक जिला प्रशासन को नहीं आ रही है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य की बिल्कुल चिंता नहीं है।