
ट्रेन में बैठकर पहुंच गया विशाखापट्टनम (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: जांजगीर-चांपा के जिला मुख्यालय के भाटापारा क्षेत्र में एक 12 वर्षीय छात्र बुधवार को छात्रावास से गायब हो गया था। छात्रावास प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। बच्चा अंतत: विशाखापट्टनम में अपने भाई के पास सुरक्षित मिला। इधर परिजन व छात्रावास प्रबंधन की चिंता बढ़ गई थी। लगातार आसपास खोजबीन में जुटे गए है। जानकारी मिलते ही राहत की सांस ली है।
शहर के भाठापारा स्थित एक बालक छात्रावास में 6वीं अध्ययनरत 12 वर्षीय छात्र बुधवार की सुबह को छात्रावास से फरार हो गया। छात्रावास प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, इसके बाद छात्र दूसरे दिन विशाखापट्टनम में अपने भाई के साथ सकुशल मिला। इस घटना से छात्रावास प्रबंधन ने राहत की सांस ली।
छात्रावास अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि अकलतरा ब्लॉक के पड़रिया के छात्र रामदिन पटेल (१२) छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता है। मंगलवार की रात सभी के साथ में भोजन किया। इसके बाद वह सो गया। सुबह से ही अचानक गायब हो गया। पहले अपने स्तर पर आसपास खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन भी तत्काल पहुंचे। अपने 12 वर्षीय पुत्र को गायब ही सूचना पाकर परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल रहा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने भी प्रकरण दर्ज कर छात्र की तलाश शुरू कर दी है। देर शाम तक छात्रावास प्रबंधन व परिजन आसपास तलाश कर रहे थे। लेकिन बच्चा का कहीं कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार की दोपहर में पता चला कि बच्चा विशाखापट्टनम अपने बड़े भाई के पास पहुंच गया है। उसका बड़ा भाई विशाखापट्टनम में काम करता है। एक-दो बार उसको लिंक एक्सप्रेंस में आते जाते देखा था। इसी का फायदा उठाते हुए बैग लेकर छात्रावास निकला और ट्रेन में शाम को बैठा और पहुंच गया। इसकी जानकारी रामदीन के बड़े भाई ने परिजनों को दी। तब जाकर परिजन व छात्रावास प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।
रामदिन का माता-पिता अपने बच्चा को लेने के लिए विशाखापट्टनम रवाना हो गए है। उसके आते ही अन्य डिटेल पता चल सकेगा। फिलहाल वह डरा हुआ है, ज्यादा बात नहीं हो सका। परिजनों के मुताबिक, पहली बार उसका 12 वर्षीय पुत्र बिना बताए अकेले बाहर गया हैै।
बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर 12 वर्षीय छात्र ट्रेन में बैठकर विशाखापट्टनम कैसे पहुंच गया। इस पर टीटी व रेलवे पुलिस की नजर कैसे नहीं पड़ी। बच्चा को टिकट कटाने के बारे में भी जानकारी नहीं है। माने बगैर टिकट के पहुंच गया। अगर ट्रेन में सही जांच की जाती तो आज बच्चा आसानी से ट्रेन में ही पकड़ में आ जाता।
Updated on:
13 Mar 2026 01:02 pm
Published on:
13 Mar 2026 01:01 pm
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