कहा- जनता देख चुकी है भाजपा व कांग्रेस की कार्यकाल को
जांजगीर-चांपा. भाजपा, कांगे्रस व गठबंधन सरकार के प्रमुखों की तरह हेलीकॉप्टर का खर्च उठाने आम आदमी के पास धनबल नहीं है। इसकी वजह से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, छत्तीसगढ़ के दौरे पर नहीं आ सके। हालांकि हम सड़क मार्ग व तकनीक के माध्यम से लोगों तक पहुंच रहे हैं।
भाजपा पर वार करते हुए आप नेता राय ने कहा कि १५ साल के शासन के बाद डॉ. रमन सरकार को अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करना था। वहां पर पार्टी के मुखिया घोषणा सह संकल्प पत्र जारी कर रहे हैं। उनकी मानें तो प्रदेश की जनता ने भाजपा, कांग्रेस व जोगी के मुख्यमंत्री वाले कार्यकाल को देख चुकी है। अब प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन के साथ बदलाव की दरकार है, जिसके लिए आप भी अपने प्रत्याशियों के साथ चुनावी दंगल में कूद पड़ी है।
दूसरे चरण के ७२ सीटों पर मतदान को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों ने अपनी ताकत झोंक दी है, पर इस चुनावी दंगल को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल दूर है। इस सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता व दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय का कहना है कि भाजपा, कांग्रेस व गठबंधन पार्टी के प्रमुखों की तरह आप के पास पैसा नहीं है। जिसकी वजह से हम, चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर नहीं ले पाए। इसी वजह से दिल्ली के मुख्यमंत्री व पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का छत्तीसगढ़ दौरा नहीं हो सका है।
जांजगीर-चांपा के प्रत्याशी संजय शर्मा के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे गोपाल राय ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा, कांग्रेस व जोगी के कार्यकाल को देख चुकी है। अब बदलाव की दरकार हैं। पार्टी के घोषणा पत्र जारी करने के सवाल पर गोपाल राय ने कहा कि भाजपा को १५ साल के शासन के बाद रिपोर्ट कार्ड जारी करना चाहिए, पर अपनी कमियों को छिपाने के लिए उनके द्वारा घोषणा व संकल्प पत्र जारी किया जा रहा है।
52 प्लस की कही बात
प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक संपदा के बावजूद बेरोजगारी, किसानों की स्थिति को उठाते हुए आप नेता गोपाल राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ९० सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, पर पार्टी ने जमीनी स्तर पर समीक्षा कर ५२ प्लस का लक्ष्य रखा है। चुनाव में रुपए व शराब से वोट ना खरीदे जाए। इसलिए आप के वालंटियर, १९ नवंबर की देर शाम के बाद पूरी रात, खुफिया कैमरा के साथ क्षेत्र में ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी वीडियो बनाएंगे, जिसे स्थानीय अधिकारी के साथ आयोग को सौंपा जाएगा।