जांजगीर चंपा

समय से पहले अपने वेतन पत्रक में लगाना चाहता था इंक्रीमेंट, कर रहा था ये काम, क्लर्क हुआ निलंबित

-एक अक्टूबर को कारण बताओ नोटिस किया गया था जारी

2 min read
समय से पहले अपने वेतन पत्रक में लगाना चाहता था इंक्रीमेंट, कर रहा था ये काम, क्लर्क हुआ निलंबित

जांजगीर-चांपा. खेल एवं युवक कल्याण विभाग का सहायक ग्रेड टू श्याम सिंह बघेल को संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में बघेल को कलेक्टर कार्यालय में अटैच किया गया है। दरअसल बघेल ने अपने ही वेतन देयक पत्रक में लीपापोती करते हुए शासन को अंधेरे में रखा था और समय से पहले अपने वेतन पत्रक में इंक्रीमेंट लगाकर अधिक वेतन का लाभ लेने की कोशिश कर रहा था। इस कारण उसे निलंबित किया गया है।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड टू श्याम सिंह बघेल पदस्थ हैं। उसके द्वारा बिना इंक्रीमेंट आदेश के वेतन देयक को कोषालय में लगाकर बिना आहरण संवितरण अधिकारी के जानकारी में लाए आहरित कर रहा था। इस आशय की जानकारी होने पर उसे एक अक्टूबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

ये भी पढ़ें

Video Gallery : जसगीत का आयोजन, कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुति, झूमते रहे श्रद्धालु

जांच में पाया गया कि वेतन लगाने संबंधी नस्ती में बघेल का हस्ताक्षर है। जिसमें उसने 31 जुलाई 2018 की तारीख डाली गई है, जबकि नस्ती सितंबर 2018 में आहरण संवितरण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बघेल ने यह जानते हुए भी वेतन देयक वेतन वृद्धि लगाकर बनाया गया है। आहरण संवितरण अधिकारी को इस बात से अवगत नहीं कराया गया है।

इतना ही नहीं वेतनवृद्धि आदेश की कॉपी, वेतन देयक में लगाए गए ही छल करके कोषालय से वेतन देयक पारित कर लिया गया। बघेल का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन का उल्लंघन होने से कार्रवाई योग्य होने का लेख किया गया है। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि बघेल ने जानबूझकर शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती है। इस कारण सहायक ग्रेड टू बघेल को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल को कलेक्टर कार्यालय में अटैच किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।

विवादों से रहा पुराना रिश्ता
खेल एवं युवक कल्याण विभाग का सहायक ग्रेड टू श्याम सिंह बघेल पर पहले भी वित्तीय अनियमितता को लेकर कई बार आरोप लगते रहा है। पिछले डेढ़ दशकों से उनका आफिस में एकतरफा राज चल रहा था। इस दौरान खेल विभाग के आयोजित प्रतियोगिताओं के दौरान सामान खरीदी बिक्री क्रीड़ा की भर्ती में अनियमितता सहित कई तरह के आरोप लगते रहे। विवादों से उनका पुराना रिश्ता रहा है। आखिरकार इस बार उनकी चालाकी पकड़ी गई और उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ गया।

ये भी पढ़ें

Video Gallery : भजन-कीर्तन कर महिलाओं ने किया मां की आराधना, दिखा उत्साह
Published on:
19 Oct 2018 03:18 pm
Also Read
View All