जैजैपुर ब्लाक के किकिरदा पंचायत का मामला
जांजगीर-चांपा. जिले के जैजैपुर ब्लाक को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ (खुले में शौंच मुक्त) बना लेने के भले ही प्रशासन लाख दावे कर रहे हैं ।
लेकिन वास्तव में यहां की ज्यादातर ग्राम पंचायतें केवल कागजों में ही ओडीएफ ग्राम हुई है। अधिकतर पंचायतों में अभी भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। यहां केवल कागजों में भी ग्रामो को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत आयुर्वेद ग्राम पंचायत किकिरदा में पंचायत सचिव सीताराम कर्ष एवं सरपंच चंद्रशेखर क्षत्रिय के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 497 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लेकिन वह सिर्फ कागजों में ही बने हैं। हकीकत में नहीं बना है। इतना ही नहीं कई शौचालयों में दरवाजा नहीं है। तो कई शौचालयों के सेप्टिक टैंक में ढक्कन नहीं है।
कई जगह गड्ढ खोदकर छोड़ दिया गया है। निर्माण सामग्री भी नहीं दिया जा रहा है ,और न ही बनवाया जा रहा है। इतना ही नहीं सबसे बड़ी लापरवाही अधिकारियों की है, जिन्होंने बिना निरीक्षण के सरपंच एवं सचिव के कह देने मात्र से ग्राम पंचायत किकिरदा को ओडीएफ ग्राम घोषित कर दिये हैं। जनपद पंचायत जैजैपुर के ग्राम पंचायत किकिरदा के ग्रामीण आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
यहां पर 497 शौचालय कागज में बन चुके हैं। इसके बावजूद भी इस पंचायत को शौचालय पूर्ण रुप से नसीब नहीं हो सका है।
अधिकतर लोगों के घरों में शौचालय नहीं हैं। जहां बने भी हैं, वह आधे अधूरे हैं। कई घरों में शौचालय बनाया गया है लेकिन दरवाजा नहीं लगाया गया है।
इस संबंध में ग्रामीण रामलाल यादव ने बताया कि उनके यहां शौचालय निर्माण के नाम पर सिर्फ गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। आज तक शौचालय निर्माण नहीं किया गया है। भरत खंूटे ने बताया कि उनके यहां शौचालय बनाया गया है लेकिन सेप्टीक टैंक में ढक्कन नहीं लगाया गया है। महेत्तर खुंटे ने बताया कि उनके यहां भी शौचालय बनाया है।
लेकिन उसमें ग्राम पंचायत के द्वारा दरवाजा आज तक नहीं लगाया गया है। ग्राम पंचायत किकिरदा के उपसरपंच गुड्डू कुम्हार ने बताया कि उनके यहां सचिव एवं सरपंच ने आज तक शौचालय का निर्माण नहीं कराया है पूछने पर कहते हैं कि बन जाएगा, बनवायेंगे इतनी भी क्या जल्दी है।
कहकर टाल दिया जाता है। इस तरह ग्राम पंचायत किकिरदा के सचिव सीताराम कर्ष एवं सरपंच चंद्रशेखर छत्रिय ने अधिकारियों से मिलीभगत करके कागजों में ही अपनी ग्राम पंचायत किकिरदा को ओडीएफ घोषित करा लिया है।
-यह बड़ा मामला है मेरे स्तर का नहीं है। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ ही कुछ करेंगे। साथ ही कलेक्टर का भी मार्गदर्शन लिया जा रहा है। मैं फाइल बना करके जिला पंचायत सीईओ के पास जमा कर चुका हूं ।
-जीआर साहू, सीईओ जैजैपुर