जांजगीर चंपा

दो साल से प्रभारी सरपंच के भरोसे ये ग्राम पंचायत, नहीं हो पा रहा गांव का विकास

- पिछले दो साल से मामला एसडीएम कोर्ट में ही लंबित पड़ा है

2 min read
दो साल से प्रभारी सरपंच के भरोसे ये ग्राम पंचायत, नहीं हो पा रहा गांव का विकास

जांजगीर-कोटमीसोनार. जनपद पंचायत अकलतरा की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कोटमी सोनार दो सालों से प्रभारी सरपंच के भरोसे चल रही है। पंचायत चुनाव के बाद से अब तक सरपंच पद का प्रभार दो पंच ले चुके हैं, लेकिन जनता द्वारा चुना गया सरपंच गद्दी से वंचित है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते उनके गांव का विकास रुक गया है। बार-बार ज्ञापन व मांग के बाद भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

Read More : Video- शहर की शोभा बढ़ाने पांच साल पहले डिवाइडर में लगाए गए थे ये बेसकीमती पौधे, 200 में सिर्फ इतने ही पौधे बचे हैं जीवित
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत कोटमीसोनार में जनता ने सरपंच पद के लिए आदिवासी सीट से मयाराम गोड़ को चुना था। इसके बाद कुछ पंचो की शिकायत पर एसडीएम ने जांच कर मयाराम को सरपंच पद से हटा दिया, जबकि पिछले दो साल से वह मामला एसडीएम कोर्ट में ही लंबित पड़ा है। बताया जा रहा है कि कुछ पंच सरकारी जमीन में अवैध कब्जा करके उसकी खरीदी बिक्री कर रहे थे और कई जगह बेजाकब्जा कर घर भी बना लिया।

ये भी पढ़ें

Video- शहर की शोभा बढ़ाने पांच साल पहले डिवाइडर में लगाए गए थे ये बेसकीमती पौधे, 200 में सिर्फ इतने ही पौधे बचे हैं जीवित

सरपंच इसके खिलाफ था, जिसके चलते उन्होने उसके खिलाफ षडय़ंत्र करके शिकायत कर दी। एसडीएम ने भी दबाव में आकर बिना सुनवाई पूरी किए सरपंच को पद से हटा दिया और अब तक न तो सुनवाई पूरी की और न ही नए सरपंच के लिए चुनाव कराया। इसके चलते गांव का विकास पांच साल पीछे चला गया है। हालत यह अभी तक गांव में एक पंचायत भवन तक नही बन पाया है। बार-बार प्रभारी सरपंच बदलने से कोटमीसोनार जिले का पहला ग्राम पंचायत बन गया है, जहां कुछ महीनों में ही सरपंच का प्रभार बदल जा रहा है।

विधायक ने जताई हताशा
अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू अकलतरा विधान सभा की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत की स्थिति को सुधारने में बेबस नजर आ रहे हैं। उन्होंने वहां स्थाई सरपंच नहीं होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन इसके लिए लड़ाई नहीं लड़ी यदि ऐसा किया होता निश्चित तौर पर यहां स्थाई सरपंच होता। सबसे बड़ी बात तो उन्होंने यह जानते हुए भी विधायक निधि से राशि दे दी कि ग्राम पंचायत में उस राशि का सदुपयोग नहीं होगा। विधायक का कहना है कि ग्राम पंचायत में स्थाई सरपंच होना चाहिए।

ये भी पढ़ें

शाम ढलते ही मदिरा प्रेमी इस मैदान को बना लेते हैं बार, बिना किसी भय के जमकर छलकाते हैं जाम
Published on:
22 May 2018 02:40 pm
Also Read
View All