Yoga/Health: क्रवार 1 मार्च से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिसे लेकर विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में तनाव होना स्वभाविक प्रक्रिया है। इस दौरान दोनों में इस बात को लेकर चिंता होती है कि परीक्षा के दौरान दिनचर्या कैसी हो जिससे तनाव न हो।
Janjgir Champa News: शुक्रवार 1 मार्च से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिसे लेकर विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में तनाव होना स्वभाविक प्रक्रिया है। इस दौरान दोनों में इस बात को लेकर चिंता होती है कि परीक्षा के दौरान दिनचर्या कैसी हो जिससे तनाव न हो। बच्चे को पढ़ने के लिए कौन सा समय सही रहेगा, जिससे वह तनाव मुक्त रह सके। क्योंकि कई बार इस तनाव के कारण बच्चे गलत कदम उठा लेते हैं। इस तरह के तनाव को दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम है ध्यान और योग।
जिले की नेशनल योग प्रशिक्षक व केवी योग टीचर पीहू बघेल पत्रिका के पाठकों को बता रही हैं कि परीक्षा का तनाव दूर करने विद्यार्थी कौन-से योगासन अपना सकते हैं। प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें। 15 से 20 मिनट की सैर भी बहुत लाभदायक है। क्योंकि इस समय प्रकृति में ऑक्सीजन की मात्रा अत्यधिक होती है और बंद कमरे या एक ही जगह लगातार पढ़ते रहने से दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।
जिससे कभी-कभी याद किया हुआ भूल जाते हैं परंतु अमृत बेला में सुबह-सुबह घूमने से मस्तिष्क को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है। इससे कुछ भी याद करने में कठिनाई नहीं होती। योग का नियमित अभ्यास तनाव पैदा करने वाले हार्मोन के स्तर को कम करने के साथ मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है, इसलिए नियमित रूप से योगाभ्यास अवश्य करें।
सूर्य नमस्कार: सूर्य नमस्कार का अभ्यास संपूर्ण शरीर को लचीला बनाता है। इसके अभ्यास से पाचन-तंत्र दुरुस्त रहता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है।
भ्रामरी: सबसे पहले किसी शांत और अच्छी हवादार जगह पर बैठें और अपनी आंखें बंद कर लें अपनी तर्जनी उंगलियों को दोनों कानों पर रखें, अपना मुंह बंद रखते हुए नाक से ही सांस लें और छोड़ें। सांस छोडने के दौरान ऊँ का उच्चारण भी करते रहे। इस प्रकिया को 5 से 7 बार दोहराएं। यह आपके मस्तिष्क को शांत बनाए रखने में मदद करता है। भ्रामरी प्राणायाम रक्तचाप को कम करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर से राहत मिलती है। यह तनाव को दूर करता है, बेहतर नींद के लिए इसे रात्रिकालीन नियमित योग के रूप में शामिल किया जाता हैं।
वृक्षासन: सीधे खड़े होकर दायें पैर को उठा कर बायें जंघा पर इस प्रकार रखें की पैर का पंजा नीचे की ओर तथा एड़ी जंघा के मूल में लगी हुई हो। दोनों हाथों को नमस्कार की स्थिति में सामने रखे यह आसान एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।
अनुलोम विलोम प्राणायाम: इसमें बायीं नासिका से सांस लेते हैं और दायीं से छोड़ते हैं फिर दायीं से सांस लेते हैं और बायीं से छोड़ते हैं। इस प्रकार 5 मिनट तक अभ्यास कर सकते हैं। इसके अभ्यास से तनाव और चिंता को कम किया जाता हैं। यह पूरे शरीर में शुद्ध ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है।
ध्यान योग: ध्यान योग करने के लिए कमर-गर्दन सीधी करके बैठ जाएं, दोनों आंखें बंद कर ले, दोनों भोहों के बीच में आज्ञा चक्र पर अपना पूरा ध्यान लगाए। सांस की गति सामान्य रखें। इसके अभ्यास से नींद की समस्या, अनिद्रा तनाव, चिंता भय को समाप्त करता है।