
जांजगीर-चांपा. दसवीं -बारहवीं बोर्ड परीक्षा संचालन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावे करती है लेकिन मैदानी स्तर पर ढोल में पोल नजर आती है। कुछ ऐसी ही अव्यवस्था शनिवार को शहर के आउटर में मॉडल स्कूल में प्रश्न पत्र वितरण के समय नजर आई।
जिले के 109 परीक्षा केंद्र के स्कूल संचालकों को प्रश्न पेपर लेने जांजगीर बुलाया गया था। मिनी बस, पिकअप कार जीप सहित अन्य व्यवस्था के साथ शिक्षक प्रश्न पत्र लेने आए थे, लेकिन शिक्षकों के पास पुलिस बल की व्यवस्था नहीं थी। पूरे स्कूल कैंपस में एक भी बल नजर नहीं आई।
यदि ऐन वक्त पर कोई प्रश्न पत्र छीनकर भाग निकलता तो जिम्मेदारों की लापरवाही की पोल खुल जाती। दिलचस्प बात यह है कि स्ट्रांग रूम में सुरक्षा बल की व्यवस्था नहीं थी। बोर्ड के चंद क्लर्क ही स्ट्रांग रूम से प्रश्न पत्र निकालकर वितरण करते नजर आए।
मार्च के प्रथम सप्ताह में बोर्ड की परीक्षा शुरू होने वाली है। जिले के 109 परीक्षा केंद्र में 52 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड परीक्षा के लिए शुक्रवार और शनिवार को प्रश्न पत्र वितरण किया गया। जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है उन्हें शनिवार की सुबह मॉडल स्कूल जांजगीर बुलाया गया था।
स्कूल संचालक प्राचार्य व उनके स्टॉफ अपने वाहनों में जिला मुख्यालय जरूर पहुंचे थे, लेकिन उनके पास बल की समुचित व्यवस्था नहीं थी। यानी कोई प्रश्न पत्र छीन ले या किसी तरह की अव्यवस्था पैदा कर दे तो मौके पर अफरा-तफरी का आलम निर्मित हो सकती थी।
बड़ी बात यह है कि इसी कैंपस में स्ट्रांग रूम बनाया गया है। यहां भी शिक्षा अधिकारियों द्वारा एक चार का गार्ड की व्यवस्था की बात कही जा रही थी लेकिन, मौके पर केवल बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी ही सर्वे- सर्वा थे। दूर-दूर से न तो बल की व्यवस्था गई थी
और न ही सुरक्षा के कोई अन्य उपाय। शनिवार को बांटी गई सारे प्रश्न पत्र को संबंधित क्षेत्र के थाना में रखा जाएगा। मॉडल स्कूल जांजगीर से परीक्षा केंद्र की दूरी तक प्रश्न पत्र भगवान भरोसे रवाना किया गया।
इसलिए नहीं व्यवस्था
जानकारों का कहना है कि परीक्षा संचालन के लिए बोर्ड पैसे नहीं देती। न ही वाहन के लिए बजट दिया जाता और न ही फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाता।। अलबत्ता स्कूल संचालक बच्चों के फीस से ही परीक्षा सामाग्री सहित अन्य व्यवस्था के लिए बजट तैयार करते हैं।
ऐसे में बोर्ड द्वारा सुविधाओं की उम्मीद करना बेमानी है। प्रबंधकों का कहना है कि बल की व्यवस्था करेंगे तो उसे भी अपने पैसे से लाना ले जाना होगा। बड़ी बात यह है कि मंडल ने पिछले दो तीन साल के परीक्षा खर्च की राशि नहीं दी है। इस बात की पुष्टि डीईओ ने खुद की है।
52 हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल
दसवीं -बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में इस बार सबसे कम परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। बीते वर्ष जहां 54 हजार परीक्षार्थी शामिल थे। तो वहीं इस साल 52 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। दसवीं में 31 हजार 345 परीक्षार्थी शामिल होंगे तो वहीं, बारहवीं में 20 हजार 643 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस तरह दोनों ही परीक्षा में 51 हजार 988 परीक्षार्थी 5 मार्च से अपनी किस्मत आजमाएंगे। अगले माह होने वाली परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों में चाक चौबंद व्यवस्था की जा रही है।
सीमित संसाधन से संचालित करना है परीक्षा
स्ट्रांग रूम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक चार के गार्ड की व्यवस्था है। हो सकता है गार्ड कहीं गया रहा होगा। प्रश्न पत्र को संबंधित थाने तक ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल संचालक की होगी। प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र के संबंधित थाने में रखे जाएंगे। बोर्ड परीक्षा के संचालन के लिए बोर्ड से सीमित साधन मिलता है।
- जीपी भास्कर, डीईओ