सीजेएम उदय लक्ष्मी परमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मूल उद्देश्य विधिक जागरूकता एवं न्याय को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में सोमवार को अतिथि के रूप में जिला कोर्ट जांजगीर में पदस्थ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदय लक्ष्मी परमार उपस्थित रहीं। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्य और उसकी कार्यप्रणाली के बारे प्रकाश डाला।
सीजेएम उदय लक्ष्मी परमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मूल उद्देश्य विधिक जागरूकता एवं न्याय को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। प्राधिकरण की प्रभारी सचिव के नाते उन्हें समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वह कानून का सम्मान करें। कानून का पालन करने से कानून व्यवस्था सुचारु रूप से चलती है। प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में समान है।
अशिक्षा, गरीबी, अज्ञानता न्याय पाने में बाधक नहीं है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद १४ विधि के समक्ष समानता को और अनुच्छेद ३९ निशुल्क कानूनी सहायता को उपबंधित करता है। अनुच्छेद ३९ ए के परिप्रेक्ष्य में ही विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम १९८७ उपबंधित है। इसके अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय स्तर से तालुका स्तर तक निशुल्क विधिक सहायता व जागरूकता के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरणए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व तालुका विधिक सेवा समितियों का गठन किया गया है।
निशुल्क सहायता के लिए इस नंबर करें फोन
निशुल्क एवं कानूनी सहायता के लिए यदि किसी व्यक्ति को कोई परेशानी हो रही है तो वह टोल फ्री नंबर १८००२३३२५२८ या फिर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय नंबर ०७८१७-२२४००० पर काल कर सकता है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर निकाली थी रैली
पिछले साल ५ जून को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संदेश देने के लिए प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के निर्देशन में कार फ्री रैली निकाली गई थी। ८ मार्च को महिला दिवस पर वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया था।