Crime News: जांजगीर-चांपा जिले में भी इंटरनेशनल खैर लकड़ी तस्करी की कहानी सुपरस्टार अल्लु अर्जुन की हिट फिल्म पुष्पा-2 की तरह ही जिले में सामने आया है।
Crime News: जांजगीर-चांपा जिले में भी इंटरनेशनल खैर लकड़ी तस्करी की कहानी सुपरस्टार अल्लु अर्जुन की हिट फिल्म पुष्पा-2 की तरह ही जिले में सामने आया है। पुष्पा 2 से आइडिया लेते हुए लाल सोना कहे जाने वाली खैर की लकड़ी को एक गोदाम में छुपाकर रखा था। वन विभाग की टीम गोदाम में छुपाई करीब 12 ट्रक लकड़ी बरामद की है। बरामद खैर व तेंदू की लकड़ी की कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। मौके से कर्मचारी फरार हो गए हैं। गणना कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
17 फरवरी को वन विभाग द्वारा खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे दो ट्रक को सूचना पर पकड़ा गया। जिसके आधार पर जिले के वन विभाग की टीम डीएफओ के नेतृत्व में नवागढ़ ब्लॉक के गांव भादा में गोदाम में छापा मारा। तस्करों के मंसूबों पर करारी चोट की है। गोदाम में मौजूद 4 से 5 कर्मचारी पीछे से फरार हो गए। वन विभाग की टीम गोदाम के अंदर दो ट्रक बेशकीमती खैर के अलावा बड़ी मात्रा में गोदाम में कत्था की लकड़ी मिला। मौके पर कोई कर्मचारी नहीं मिले। मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल यह गोदाम जांजगीर निवासी रविन्द्र द्विवेदी का बताया जा रहा है, जो किराए पर गोदाम में दिया हुआ है। इसके माध्यम से बेशमकीमती व प्रतिबंधित लकड़ी तस्कर तक पहुंचने का प्रयास किया गया। फोन में वैध कागजात होने की बात कही जा रही है। कागजात प्रस्तुत करने कहा गया है, लेकिन वन विभाग का कहना है कि इतना ज्यादा मात्रा में बेशकीमती लकड़ी का भंडारण वैध नहीं हो सकता है। वन विभाग की टीम ने करीब 12 ट्रक खैर व तेंदू की लकड़ी जब्त कर लिया है। अभी आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल वन विभाग ने लकड़ी को कब्जे में लेकर सरसीवा निवासी तस्कर की तलाश में जुट गई है।
इस संबंध में गोदाम मालिक रविन्द्र द्विवेदी का कहना है कि सरसीवा के अग्रवाल को गोदाम किराए पर दिया था। लकड़ी का काम करता था। उन्होंने लकड़ी का सभी काम एक नंबर में होना बताया था। बाकी जांच में आगे का खुलासा होगा। गोदाम मालिक द्वारा 30 हजार रुपए में किराए पर दी गई है।
इस इंटरनेशनल लकड़ी खैर की तस्करी का खुलासा रायगढ़ वन विभाग की टीम द्वारा की गई। रायगढ़ में एक ट्रक खैर की लकड़ी जब्त की गई थी। फिर इसके बाद टीम नजर बनाई हुई थी। इसी दौरान दो ट्रक खैर की लकड़ी रायगढ़ से सोमवार की रात निकली। जिसका पीछे करते हुए रायगढ़ वन विभाग की टीम जांजगीर जिले के नवागढ़ ब्लॉक के गांव भादा तक पहुंची। पीछा करने की भनक ट्रक चालक तक नहीं था। रायगढ़ की वन विभाग की टीम द्वारा जांजगीर वन विभाग को सूचना दी गई। फिर टीम द्वारा छापेमारी की गई।
खैर व तेंदू की लकड़ी बेशकीमती व प्रतिबंधित है। साथ यह दोनों अत्यंत मूल्यवान है। खैर की लकड़ी से कत्था, औषधियां, मजबूत निर्माण सामाग्री और उत्तम कोयला बनता है। जबकि तेंदू की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से बंदूक का बट, फर्नीचर सहित अन्य काम आती है।
एक राइस मिल अवैध खैर व तेंदू की लकड़ी का भंडारण पाया गया है। इसका व्यापार प्रतिबंधित है। गोदाम में अवैध कारोबार शामिल लोग फरार हो गए। ट्रक जबलपुर का है। लगभग 15 ट्रक खैर व तेंदू की लकड़ी आंकी गई है। गणना कर मालिक तक पहुंचकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - हिमांशु डोंगरे, डीएफओ