जांजगीर चंपा

धान की फसल में ‘पेनिकल माइट’ कीट का कहर, दवाओं का भी नहीं हो रहा असर, दवाओं के खर्चे से किसानों का हाल बेहाल

CG Agriculture : जिले में लगातार हो रही बारिश से धान की फसल पर कीट-व्याधि का खतरा मंडरा रहा है।
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धान की फसल में ‘पेनिकल माइट’ कीट का कहर, दवाओं का भी नहीं हो रहा असर
धान की फसल में ‘पेनिकल माइट’ कीट का कहर, दवाओं का भी नहीं हो रहा असर

जांजगीर-चांपा। CG Agriculture : जिले में लगातार हो रही बारिश से धान की फसल पर कीट-व्याधि का खतरा मंडरा रहा है। अर्ली वैरायटी के धान की बालियां निकलने लगी है, उसमें भूरा माहो का प्रकोप देखने को मिल रहा है। इससे बचने किसान दिन-रात दवा का छिडक़ाव कर रहे हैं पर दवाओं का असर नहीं हो पा रहा है। दवाओं के खर्चे के चलते किसानों को दोहरी मार पड़ रही है।


गौरतलब है कि खरीफ फसल के लिए किसानों के द्वारा धान की फसल लगाई गई है। इसमें अर्ली वैरायटी की फसलों में अब बालियां निकल चुकी है। इस समय धान की फसल में कीट व्याधि का प्रकोप बढऩे लगा है। भूरा माहो के अलावा पेनिकल माइट नामक कीट अभी परेशानी बढ़ा रहा है। अकलतरा क्षेत्र के जर्वे, हरदी, बलौदा ब्लॉक के बहेराडीह, जाटा, सिवनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह किसानों को परेशानी हो रही है। बता दें, कि बड़ी मुश्किल से धान की फसल तैयार की है। जब फसल पकने लगी है तब पेनिकल माइट नाम कीट से किसान परेशान हैं।


किसानों को नहीं मिल पा रही सही दवा

जिले के किसानों को सही दवा नहीं मिल पा रही है। क्योंकि किसान दुकानदारों के इशारे में दुकानों से दवा की खरीदी करते हैं। लेकिन यह दवा काम नहीं आ रही है। जिसके चलते किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कृषि विभाग भी ऐसे व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा।

Updated on:
31 Oct 2023 04:21 pm
Published on:
31 Oct 2023 04:21 pm