- आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, इसके बाद भी व्यवस्था सुधारने जिम्मेदार नहीं उठा रहे कोई कदम
जांजगीर-चांपा. जांजगीर शहर यूं तो शांति और सुकून वाला शहर माना जाता है, लेकिन यहां के व्यापारी मुनाफा के आगे लोगों की सुख सुविधा को भूल जा रहे हैं। इनके द्वारा अपनी दुकान के आगे सड़क तक समान लगा दिया जाता है। बचीकुची जगह पर दुकान का बोर्ड लगा दिया जाता है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती है और लोगों की मौत तक हो रही है। दुर्भाग्य से इन मौतों के बाद भी व्यवस्था सुधारने के लिए जिम्मेदार नगर पालिका व पुलिस प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा है।
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शहर की हार्ट लाइन कही जाने वाली नैला रेलवे क्रासिंग से लेकर पुलिस पेट्रोल पंप खोखरा तक की रोड का आलम यह है कि यक कब किसकी जान ले ले पता नहीं चलता। यहां हर दिन हर रोज एक-दो सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं के लिए जितना जिम्मेदार गलत तरीके से वाहन चलाने वाले जिम्मेदार हैं उससे अधिक जिम्मेदार इस सड़क के किनारे बड़ी-बड़ी दुकान खोलकर बैठे व्यापारी हैं। व्यापारियों को चाहिए कि वह अपनी दुकान की हद में ही समान रखें लेकिन वह सड़क की पटरी में दुकान का बोर्ड लगाते हैं और उसके बाद समान रख देते हैं। इस जाम में जिले के कलेक्टर एसपी से लेकर अन्य बड़े आधिकारी भी फंसते हैं, लेकिन इसके निराकरण के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
खोखरा से कचेहरी चौक
यहां तक कि सड़क यूं तो काफी चौड़ी है, लेकिन सड़क के बीच में एक बड़ा सा जानलेवा गड्ढा भी है। इसके साथ ही नहर के पास सड़क किनारे स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में इतनी भीड़ होती है कि शाम के समय यहां कब कोई शराबी गाड़ी के नीचे आ जाए किसी को पता नहीं रहता है।
कचेहरी चौक से नेता जी चौक
अब आपको बताते हैं कचेहरी चौक से नेता जी चौक तक का हाल। यहां पहले ही कचेहरी चौक फल दुकानों के अतिक्रमण से अटा पड़ा है। इसके बाद हम जैसे ही नेताजी चौक की तरफ बढ़ते हैं तो आपको बड़ी गाड़ी के पीछे-पीछे ही चलने पड़ेगा, क्योंकि सड़क के किनारे पटरी तक तो दुकानें सजी रहती है। इससे यहां सबसे अधिक जाम की समस्या होती है। यह स्थान ट्रैफिक व कोतवाली थाने महज चंद कदम दूर है, लेकिन पुलिस को यहां लगने वाला जाम दिखाई नहीं देता है।
नेताजी चौक से नैला रेलवे स्टेशन तक
नेताजी चौक यह चौक शहर का सबसे व्यस्त चौक है। यहां से लेकर नैला रोड के लिए आगे बढ़ेंगे तो यहां भी बड़ी-बड़ी दुकाने हैं। इनमें कई दुकाने लोहा और सीमेंट की हैं। इन दुकान संचालकों ने सड़क की पटरी में लोहे की छड़ व अन्य समान रख दया है। फिर चाहे इसमें गिरकर वाहन चालक की जान ही क्यों न चली जाए। इसका जीता जागता उदाहरण इंटसिटी होटल के बगल से स्थित दुकानों व सड़क से लगे तालाब के किनारे स्थित दुकानों में देखा जा सकता है।
नैला रेलवे स्टेशन से रेलवे क्रासिंग तक
नैला रेलवे स्टेशन के सामने सड़क टू लेन से सिमट कर सिंगल लेन में बदल गई है, साथ ही घुमाव होने से यहां अंधा मोड़ भी हो गया है। यहां सड़क की जगह पर लोगों ने दुकाने खोल रखी हैं। इससे आए दिन यहां सड़क दुर्घटनाएं भी होती हैं। इसके आगे रेलवे क्रासिंग तक इतनी खराब सड़क है कि वहां गुजरना तक मुश्किल हो रहा है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इसी सड़क पर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नरायण चंदेल का घर भी स्थित है, लेकिन इसके बाद भी यहां बदहाली नहीं सुधर रही है।
- राजस्व अधिकारियों सहित पालिका की टीम को बुलाकर नैला रेलवे स्टेशन सहित इस पूरी सड़क का सीमांकन कराया जाएगा। अतिक्रमण वाले स्थान को मुक्त कराकर वहां पीली लाइन या दूसरे उपाए किए जाएंगे, जिससे दोबारा यहां अतिक्रमण न हो सके। जल्द ही इसके लिए पुलिस प्रशासन बड़ा अभियान चलाएगा- नीतु कमल, पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा