
VSK App: छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर शिक्षकों एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का वेतन आहरित करने संबंधी जारी आदेश का विरोध करना शुरू कर दिया है। संघ का कहना है कि विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केंद्र वीएसके ऐप की जमीनी हकीकत और उसकी गंभीर तकनीकी खामियों को नजरअंदाज कर यह अव्यावहारिक आदेश थोपा गया है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष संजय ठाकुर कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय, भुवनेश्वर देवांगन प्रांतीय मंत्री संगठन मंत्री राजेन्द्र जायसवाल रविंद्र द्विवेदी जिलाध्यक्ष जांजगीर-चांपा लक्ष्मी नारायण तिवारी जिला सचिव ने ऐप की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के दूरदराज और ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क की भारी समस्या बनी रहती है। शाला परिसर में उपस्थित होने के बावजूद ऐप में शाला से दूरी लोकेशन इरर दिखाई जाती है। इतना ही नहीं, कई बार चेक इन की प्रविष्टि करने के बाद भी डेटा दर्ज नहीं होता और शाम को चेक आउट करते समय ऐप पुन: चेक इन दर्ज करने को कहता है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐप में व्याप्त इन गंभीर तकनीकी त्रुटियों के कारण 100 प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होना व्यावहारिक रूप से संभव ही नहीं है। ऐसे में ऐप की विफलता का खामियाजा शिक्षकों को अपने वेतन में कटौती के रूप में भुगतना पड़ेगा, जो कि पूर्णत: अन्यायपूर्ण है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि वीएसके ऐप के आधार पर वेतन रोकने का यह फरमान तत्काल वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक आंदोलन हेतु बाध्य होंगे।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि संघ पूर्व में भी बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से प्रामाणिक उपस्थिति दर्ज कराने की मांग करता रहा है। संघ ने मांग की है कि ऑनलाइन टैज्ञ ऐप के स्थान पर विद्यालयों में बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति व्यवस्था लागू की जाए। जब तक बायोमीट्रिक प्रणाली सुचारू रूप से स्थापित नहीं हो जाती तब तक पूर्ववत शाला की पारंपरिक शिक्षक उपस्थिति पंजी के आधार पर ही पूर्ण वेतन का आहरण सुनिश्चित किया जाए।