
प्रतीकात्मक तस्वीर
Chhattisgarh News: जनगणना-2027 के प्रथम चरण में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश (ईएल) और कर्तव्य प्रमाण-पत्र (ड्यूटी सर्टिफिकेट) देने का जिला प्रशासन का आदेश महज एक दिन में वापस ले लिया गया। मंगलवार को जारी आदेश में कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि पूर्व आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। अब इस विषय पर शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
सोमवार को जारी आदेश में कहा गया था कि जनगणना कार्य में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को ड्यूटी प्रमाण-पत्र के आधार पर नियमानुसार अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। इससे जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों में राहत और उत्साह का माहौल था, लेकिन अगले ही दिन प्रशासन ने प्रशासनिक एवं तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आदेश निरस्त कर दिया।
यह आदेश छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की मांग के बाद जारी हुआ था। संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर जनगणना कार्य के अतिरिक्त दायित्व को देखते हुए शिक्षकों को अर्जित अवकाश और कर्तव्य प्रमाण-पत्र देने की मांग की थी। प्रशासन ने पहले इस मांग को स्वीकार किया, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही अपना निर्णय बदल दिया।
नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासन स्तर से दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद ही इस संबंध में नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। ऐसे में जनगणना कार्य कर रहे शिक्षकों को फिलहाल अर्जित अवकाश और ड्यूटी प्रमाण-पत्र के लिए इंतजार करना होगा।
शिक्षक संगठन ने अर्जित अवकाश की मांग रखी।
जिला प्रशासन ने ड्यूटी सर्टिफिकेट और अर्जित अवकाश का आदेश जारी किया।
24 घंटे के भीतर प्रशासनिक व तकनीकी कारण बताते हुए आदेश निरस्त।
अब शासन के निर्देश मिलने के बाद ही होगा अंतिम निर्णय।
Updated on:
29 Jul 2026, 12:13 PM IST
Published on:
29 Jul 2026, 12:03 PM IST
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