
Crime News: अपनी मां से लैंगिक अपराध करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) अनिल कुमार बारा ने 3 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियोजन के अनुसार, प्रार्थिया ने थाना सारागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरे पति लकवाग्रस्त है, जो बिस्तर में पड़े रहते हैं। उसके चार लड़के एक लड़की है। सभी की शादी हो गई है तथा दो पुत्र की मृत्यु हो चुकी है। उसका छोटा लड़का गोविंदा सूर्यवंशी की पत्नी 3 वर्ष पूर्व मायके चली गई है।
पत्नी के जाने के बाद उसका लड़का गोविंदा सूर्यवंशी उसके साथ घर में रहता है, जो रोजी मजदूरी का काम करता है। उसका पुत्र गोविंदा सूर्यवंशी करीब 8 दिन पूर्व रात करीब 11-12 बजे उसके बिस्तर के पास आया और बुरी नियत से उसके गुप्तांग को छू रहा था, तब वह उसके पुत्र गोविंदा सूर्यवंशी को डांट फटकार कर भगा दी थी और लोकलाज के डर से वह घटना के बारे में किसी को नहीं बताई थी।
31 मई 2025 की रात करीब 12.30 बजे जब वह अपने घर के कमरे के अंदर खाट में पोता लक्ष्य सूर्यवंशी 7 वर्ष को साथ लेकर सोई थी। उसी समय उसका पुत्र गोविंदा कमरे की खिड़की से कूदकर उसके बिस्तर के पास आकर बुरी नियत से गुप्तांग को अपने हाथ से तीन बार छुआ। वह विरोध की तो उसे गाली-गलौज देकर घर से भाग गया।
घटना के बारे में अपने पति धरमलाल सूर्यवंशी, बेटी आरती को बताई। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने तर्क प्रस्तुत किया कि जिस प्रकार से आरोपी द्वारा बुरी नियत से अपनी ही मां के गुप्तांग को अपने हाथ से तीन बार छुआ। वह निश्चित ही निंदनीय घटना है।
आरोपी को कठोर से कठोर दण्ड दिया जाए। जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) अनिल कुमार बारा ने गोविंदा सूर्यवंशी पिता धरमलाल सूर्यवंशी (35) थाना सारागांव को भारतीय न्याय संहिता 75 (1) के अपराध के लिए 3 साल के कठिन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर 15 दिन के अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया गया। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक (एफटीसी) योगेश गोपाल ने पैरवी ने की।