- वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर सालों से जूझ रहे कर्मचारी
जांजगीर-चांपा. जिले के स्टॉफ नर्सेस मंगलवार से काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। सोमवार को यही स्टाफ नर्सेस काम छोड़कर दो घंटे धरने पर बैठे हैं और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। दरअसल कर्मचारियों की मांग सालों से धरी की धरी रह जा रही है। प्रशासन कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं कर पा रही है। जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है और उन्हें लगातार हर छह माह में हड़ताल करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी संघ के बेनर तले जिले भर के परिचारिका संघ शासन के वेतन विसंगति एवं वैध मांगों के संबंध में विगत तीन वर्षों से प्रशासन से अवगत कराते आ रहे हैंए लेकिन वेतन विसंगति एवं वैध मांगों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिससे स्टाफ नर्सेस में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक काली पट्टी लगाकर काम किए। 23 अप्रैल से अपने अपने कार्य स्थल पर दो घंटे के लिए नारेबाजी कर रहे हैं।
कर्मचारियों की मंशा है कि नारेबाजी करते हुए सोए हुए प्रशासन को जगा रहे हैं। सोमवार को जिले भर के अस्पतालों में पदस्थ स्टॉफ नर्सेस सुबह तीन घंटे अपने अपने अस्पतालों में काम किए। इसके बाद आपातकालीन से निपटने एक एक स्टाफ को छोड़कर सारे के सारे स्टाफ नर्सेस हड़ताल पर बैठ गए। जिला अस्पताल में दो दर्जन स्टाफ नर्सेस हैं। जो काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं। वेतन बढ़ोतरी नहीं होने की स्थिति में स्टाफ नर्सेस में अच्छी खासी नाराजगी देखी जा रही है।
पुराने वेतनमान में काम करने में उन्हें कई तरह की आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के स्टॉफ सर्नेस काम जरूर कर रहे हैं, लेकिन वे बेमन काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगें पूरा नहीं करती तब तक हमारे द्वारा बेमन काम किया जाएगा, ताकि सरकार हमारी बात सुने और वेतन बढ़ोतरी करे।
मुख्यमंत्री का उतारेंगे आरती
एक मई को अपने अपने एरिया में मुख्यमंत्री का आरती उतारेंगे, ताकि प्रशासन कर्मचारियों का ग्रेड पेय 4600 कर सके। इसी तरह 12 मई तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तब वे नर्सेस डे को सेलीब्रेट न करते हुए इस दिन काला कपड़ा पहनकर शोक दिवस मनाएंगे। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा ठोस निर्णय नहीं लेने पर 18 मई को पूरे स्टाफ नर्सेस एक मैदान में अपनी एकता और शक्ती का परिचय देते हुए अनिश्चितकालीन कार्य बाधित कर असयोग आंदोलन के लिए हल्ला बोल करेंगे।