
जांजगीर-चांपा. नेशनल हाईवे जांजगीर पर स्थित 9 शादी हॉल इन दिनों आवागमन करने वालों के लिए जी का जंजाल साबित हो रहे हैं। शाम ढलते ही नेशनल हाईवे, बायपास व नैला रोड की ये 9 सड़कों पर बारातियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। ऐसे में शहर के बीच आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है।
सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती है। न ही होटल संचालकों द्वारा आवागमन दुरुस्त करने के लिए कोई पहल की जाती है। हालत यह हो गई है कि शहर के बीच से होकर जाने वाले वाहनों को मात्र तीन किलोमीटर का फासला तय करने में कई बार तीन घंटे से भी अधिक समय लग जाता है।
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शादी के सीजन में जिला मुख्यालय जांजगीर के बीच की सड़कें आवागमन करने वालों के लिए जान की दुश्मन बनती जा रही है। दरअसल शहर के बीच ९ शादी हाल हैं जहां सीजन में हर रोज शादियां होती हैं, बाराती आते हैं सड़क किनारे बेतरतीब अपने वाहन पार्क कर देते हैं और इससे सड़क जाम हो जाती है।
जांजगीर शहर के शुरु व अंत तक दोनों ही ओर की सीमा क्षेत्र में 9-9 शादी हाल बनाए हुए हैं। इनके पास पार्किंग की कोई सुविधा न होने के बाद भी पालिक प्रशासन चंद रुपए की लालच में नियमों के परे जाकर उन्हें इसके निर्माण की अनुमति भी दे देता है। अकलतरा रोड के होटल ग्रीन पार्क, हरियाली होटल से लेकर होटल एसडी पैलेस तक पहुंचने में आपको तीन घंटे लग सकते हैं। क्योंकि शादी के सीजन में सारे के सारे शादी हॉल बुक रहते हैं और सभी होटलों में बारातियों का काफिला सड़क से गुजरते रहता है।
पुलिस का नहीं मिलता सहयोग
शादी हाल से बारातियों का काफिला गुजरता रहता है। सड़कें जाम रहतीं हैं। ऐसे दौर में यदि आप पुलिस से सहयोग की अपेक्षा करोगे तो पुलिस भी बेबस नजर आती है। क्योंकि पुलिस भी ऐसे समय में मानवीय दृष्टिकोण अपनाती है। ऐसे समय में या तो पुलिस बारातियों पर बहानेबाजी करती है या फिर शिकायत पर गौर नहीं करती। हर बार की तरह तीन दिन पहले बायपास रोड के आशीर्वाद भवन में बारात आई और यहां जाम लगता रहा। जाम को हटाने के लिए पड़ोस के शिक्षक अर्जुन सिंह क्षत्रीय ने कोतवाली पुलिस को फोन कर सूचना दी, लेकिन टालमटोल करते हुए फोन को काट दिया। ऐसे समय में टै्रफिक पुलिस का भी ठिकाना नहीं रहता है।
इसलिए होता है जाम
शहर के बीच शादी हॉल तो बना दिया गया है, लेकिन होटल संचालकों के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है। शादी या अन्य कार्यक्रमों में पहुंचे लोग अपनी बाइक व कार को सड़क के उपर ही खड़ी कर देते हैं। इससे अवागमन ठप हो जाता है। तब तक बाराती या घराती आवागमन को सम्हालने बाहर नहीं आता मौके पर जाम का नजारा रहता है। कभी कभी बाराती या घराती ही आवागमन को ठीक करने गभीरथ प्रयास करते हैं। इससे आवागमन बाधित होने से बच जाता है।
पल-पल रहता है खतरा
बारात के समय बारातियों का मूड पूरे सबाब में रहता है। वह किसी का नहीं सुनता। उसे डीजे व बैंड बाजे के धुन में केवल नाचने गाने की चिंता रहती है। उसे इस बात की चिंता नहीं रहती है कि सड़क जाम हो रहा है या पटाखे से किसी को नुकसान हो सकता है। बीच सड़क में बम पटाखे फूटते रहते हैं जिससे वहां से गुजर रहे वाहनों को खतरा सताते रहता है। इतना ही नहीं पटाखों से बारातियों के अलावा बैंड बाजे व लाइट लिए महिलाओं को भी खतरा रहता है। बीते दिवस लाइट उठाई महिला के साड़ी में पटाखे की लव गिर गई। महिला सिर में लाइट पकड़ी थी। वह बड़ी मुश्किल से लाइट को छोड़कर पटाखे की लव को झड़ाई। इस दौरान बड़ा खतरा टल गया।
यह हैं शहर के नौ प्वाइंट, जहां लगता है जाम
- अकलतरा रोड होटल ग्रीन पार्क
- अकलतरा रोड हरियाली हैरिटेज
- लिंक रोड होटल जगनी सेलिबे्रशन
- लिंक रोड आशीर्वाद भवन
- चांपा रोड होटल एसडी पैलेस
- होटल ड्रीम प्लाइंट, चांपा रोड
- नैला रोड मंगल भवन
- नैला रोड होटल स्टार इंटरनेशनल
- नैला रोड अग्रसेन भवन
Published on:
23 Apr 2018 12:34 pm
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