
CG Crime: सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव कहें या फिर सामाजिक बुराईयों का नतीजा आज कल के बच्चे दिन ब दिन हिंसक रूप में दिखाई पड़ रहे हैं। जिले के स्कूलों में ऐसे कई शिकायतें सामने आ चुकी, जिसमें बच्चों ने स्कूल परिसर या आसपास में बदले की आग बुझाने कई तरह की घटना को अंजाम देने में तुले हुए हैं।
इसका नतीजा यह हो रहा है कि देखासीखी में एक बच्चा दूसरे बच्चे पर वार कर रहे हैं। कुछ इसी तरह की घटना हसौद में हुई। हालांकि नाबालिगों को पुलिस की ओर से छूट दी गई है, लेकिन इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। इससे पहले भी जिले के स्कूलों में कई तरह की घटना सामने आ चुकी है जिसमें बच्चों ने बुरे लोगों की संगति में आकर कई तरह की घटना कारित कर चुके हैं।
केस वन
एक साल पहले एक स्कूल का बच्चा अपने बैग में पिस्टल लेकर चला गया था। स्कूल प्रशासन ने जब बच्चे के बैग की जांच की तो पिस्टल देखकर दंह रह गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
केस टू
केंद्रीय विद्यालय में एक साल पहले एक बच्चा बदले की भावना को लेकर एक छात्रा के पानी बॉटल में एसिड की तरह कुछ तरल पदार्थ डाल दिया था। मासूम बेटी ने उक्त बाटल के पानी को पी तो उसे एसिड की तरह एहसास हुआ। मामला तूल पकड़ा था। बाद में मामले को किसी तरह रफा-दफा किया।
केस थ्री
चार दिन पहले ही जांजगीर में एक मामला एक स्कूल में सामने आया। जिसमें एक बच्चे ने दूसरे बच्चे के पानी बॉटल में फिनाइल डाल दिया। मामला हाईप्रोफाइल होने के बाद बच्चे के अभिभावकों ने मामले को दबाने के लिए पूरा जोर लगा दिया। आखिरकार दोनों पक्षों को मजबूरन समझौता करनी पड़ गई।