
बहेराडीह। Chhattisgarh News: बहेराडीह में स्थापित फैक्ट्री के प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों ने प्रदूषण से मुक्ति दिलाने की मांग को लेकर शासन-प्रशासन को कई बार लिखित रूप में शिकायत की थी पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने पिछले दिनों विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। इसकी सूचना जिला प्रशासन को होने पर सारागांव तहसीलदार मंगलवार को दोपहर 1 बजे बहेराडीह पहुंचे और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं को लेकर चर्चा करनी चाही पर ग्रामीण किसी तरह चर्चा करने को तैयार नहीं हुए।
ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए तहसीलदार ने सबसे पहले फैक्ट्री का मुआयना किया। इसके बाद ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी समस्याओं का सप्ताहभर के भीतर समाधान निकालने का भरोसा दिलाया। तब जाकर ग्रामीण तब शांत हुए। उपसरपंच चंदा सरवन कश्यप, ग्रामीण राजाराम यादव, पूरन सिंह गोड़ व अन्य ग्रामीणों ने तहसीलदार को अवगत कराया कि बहेराडीह के मुख्य मार्ग से बिजली का ट्रांसफार्मर को तत्काल हटवाया जाए। वहीं सिवनी-सुखरीकला सड़क मार्ग की गड्ढों पर फैक्ट्री का राखड़ डंप किया जा रहा है जो बंद हो। प्रदूषण से हुए मजदूरों को मुआवजा और फैक्ट्री से पत्थर, कोयला, रेत की पिसाई करने वाले मशीन को हटाए जाने की मांग की।
पंचनामा मेें हस्ताक्षर करने प्रबंधक ने की आनाकानी
ग्रामीणों की फैक्ट्री के प्रति आक्रोश और सभी मांगों को लेकर तहसीलदार ने फैक्ट्री प्रबंधक को ग्रामीणों के बीच बुलाया और पंचनामा तैयार किया। मगर प्रबंधक गोपाल कुमार ने पंचनामा में हस्ताक्षर करने से इंकार किया। उनके इस रवैया से न सिर्फ ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि भड़के। बल्कि तहसीलदार ने फैक्ट्री को सील करने की चेतावनी दी। तब कही जाकर प्रबंधक ने पंचनामा में हस्ताक्षर किए।
एक बार सील भी हो चुकी है फैक्ट्री
ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि दो बार चक्काजाम करने पर माहभर के लिए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम की टीम ने रिहायशी इलाके में स्थापित कृष्णा इंडस्ट्रीज को सील भी किया था। पुष्पा यादव और समूह की महिलाओं ने बताया कि गांव के मुख्य मार्ग पर लगे बिजलीट्रांसफार्मर की चपेट में आकर कई मवेशी की मौत हो गई है। इसके बाद और नए ट्रांसफार्मर लगाकर मनमानी की जा रही है।
ग्रामीणों को उनकी शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। समझाइश पर ग्रामीण मान गए हैं और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी ने सहयोग करने की बात कही है। - राजकुमार मरावी, तहसीलदार, सारागांव,