जांजगीर चंपा

#Topic Of The Day- आयुर्वेद चिकित्सा की ओर बढ़ रहा लोगों का रूझान

- लोगों के शरीर में वर्षों से पल रही बीमारी आयुर्वेदिक इलाज से जड़ से समाप्त किए जा सकते हैं
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#Topic Of The Day- आयुर्वेद चिकित्सा की ओर बढ़ रहा लोगों का रूझान

टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. शशांक साव उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि देश ही नहीं विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति की ओर लोगों का फिर से रूझान बढ़ रहा है, जिसे शासन की ओर से विशेष संरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता है।

आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. साव का मानना रहा कि देश में इस चिकित्सा पद्धति को लेकर फिर से प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के बारे में बताया कि इस पद्धति से मरीज को तत्काल तो आराम नहीं मिलता, लेकिन बीमारी जड़ से समाप्त हो जाती है। बीमारी की पकड़ भी इस पद्धति से कारगर होती है, जिससे गलत इलाज की संभावना नहीं रहती।

उन्होंने बताया कि इस पद्धति से इलाज कराने पर असाध्य रोग भी समाप्त हो जाते हैं। लोगों के शरीर में वर्षों से पल रही बीमारी आयुर्वेदिक इलाज से जड़ से समाप्त किए जा सकते हैं। डॉ. साव ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने जिस तरह केंद्र सरकार प्रयास कर रही है, उसी तरह राज्य सरकार को भी सामने आने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि जांजगीर जिले में ही आयुर्वेद चिकित्सक के 35 से अधिक पद खाली है। इन पदों पर नियुक्ति करने के साथ ही आयुर्वेद अस्पतालों का विस्तार जरुरी है, जिससे गांव-गांव तक इस पद्धति की पहुंच हो सके और लोगों का इसका लाभ मिल सके। केंद्र सरकार द्वारा नए मेडिकल कॉलेज खोलने के साथ ही रिचर्स सेंटर भी बनाए जा रहे हैं, जहां इसके दवाओं को और कारगर बनाने प्रयास किया जा रहा है। इन रिसर्च सेंटरों से अध्ययनकर अच्छे डॉक्टरों की टीम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का इलाज के बाद कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आता।

दवाओं को परिष्कृत करने की जरुरत
डॉ. साव ने बताया कि आयुर्वेद पद्धति में दर्द से तत्काल राहत की व्यवस्था नहीं है, लेकिन दर्द के कारण तक पहुंचकर जड़ से समाप्त करने की दवाएं उपलब्ध है। इसी दिशा में रिसर्च की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आयुर्वेद दवा में दर्द से तत्काल राहत मिले, इस पर शोध जरुरी है। इसी तरह खून बहने जैसे कुछ व्याधियां है, जिन पर भी तुरंत असर कारक दवा होनी चाहिए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति जरुरी
डॉ. साव ने देश में एक स्वास्थ्य नीति पर बल देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और उसके तहत गठित राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अस्तित्व में आने के बाद आयुर्वेद चिकित्सों के पास विकल्प बढ़ेंगे, जिससे वे और अच्छे ढंग से इलाज की सुविधा उपलब्ध करा सकेंगे। इस नीति को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की।

Published on:
04 Mar 2018 03:17 pm
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