जांजगीर चंपा

अमृतम्-जलम् : दर्जनों गांव के तालाब सूखने की कगार पर, पानी की होने वाली किल्लत से भयभीत हैं ग्रामीण

- ऐसे में ग्रामीण और हजारों की संख्या में मवेशियों की प्यास बुझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।

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कोसमंदा. जिले में गर्मी बढऩे के साथ अधिकांश तालाब व जलाशय तेजी से सूखने लगे हैं, जिससे गांव में निस्तारी व पेयजल संकट खड़ा हो गया है। अगर लोग पानी बचाने के लिए अभी से जागरुक नहीं हुए, तो संकट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं कई तालाबों का जल स्तर नीचे चला गया है। हालत यह है कि एक-दो माह में तालाब पूरी तरह से सूख जाएंगे। ऐसे में ग्रामीण और हजारों की संख्या में मवेशियों की प्यास बुझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।

बलौदा ब्लाक के अंतर्गत सिवनी, कुरदा, उच्चभिटठी, कोसमंदा, बेहराडीह, जाटा, सुखरीखुर्द आदि ग्रामों के साथ कई आश्रित ग्राम हैं, जहां के तालाब पूरी तरह से सूखने की कगार पर हैं। वहीं इन गांवो में छोटे बड़े तालाब हैं। साथ ही कई ग्राम पंचायतों में नदी नाले का पानी बांधकर उपयोग किया जा रहा है।

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गहरीकरण के नाम पर लाखों खर्च
ग्राम पंचायतों में सरपंचों द्वारा मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य कराया जाता है। यह कार्य कागजों पर ही सीमित रहती है और इन सरपंच सचिवों और जनप्रतिनिधियों के सांठगांठ से ही उन तालाबों का आधा अधूरा ही गहरीकरण किया जाता है। अब तक मनरेगा के तहत पूर्व वर्ष सरपंच द्वारा मनरेगा के तहत पंचायतों में तालाब गहरीकरण कराया गया था, जिससे कई मजदूरों को अब तक राशि भी नहीं मिल पाई है। जिससे वह गांव में कुछ कार्य नहीं होने के चलते ग्रामीणों द्वारा मजबूर होकर पलायन के लिए निकल रहे हैं। जिससे शासन के करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद भी इन तालाबों का गहरीकरण नहीं हो पाता है।

ऐसे बचाएं तालाबों को
निस्तारी जल के लिए उपयोग किये जाने वाले तालाबों के आसपास गंदगी ना फैलाएं, क्योंकि जल अमूल्य है। इसमें कूड़ा करकट ना फेंके, इससे पानी दूषित होता है और गर्मी के दिनों में पानी कई प्रकार की बीमारी को बढ़ावा देता है। उपयोग किए जाने वाले तालाब का समय समय पर सफाई कराएं, इससे हमेशा पानी का जमाव बना रहता है। कई तालाबों का गहरीकरण किया गया लेकिन उचित रखरखाव नहीं होने के कारण जलस्तर नीचे जा चुका है।

हर साल निस्तारी जल की हो रही समस्या
जानकार बताते हैं कि सिवनी सहित आसपास के दर्जनों गांव में कभी पानी की समस्या नहीं होती थी, पर लगातार वृक्षों के कटाई के कारण बीते कुछ सालों से यह समस्या हो रही है। अभी तो गर्मी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है और गांव के तालाब सूखने
लगे हैं।

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Published on:
16 Apr 2018 01:28 pm
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