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आखिर ऐसा क्या हुआ कि सारथी मोहल्ला के लोग भड़क गए पानी सप्लायर पर और कर दी धुनाई, पढि़ए खबर…

- कर्मचारियों ने पानी सप्लाई बंद कर किया थाने का घेराव

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आखिर ऐसा क्या हुआ कि सारथी मोहल्ला के लोग भड़क गए पानी सप्लायर पर और कर दी धुनाई, पढि़ए खबर...

जांजगीर-चांपा. नगरपालिका जांजगीर के पानी सप्लायर हेल्पर से रविवार की सुबह सारथी मोहल्ले के लोगों ने मारपीट कर दी।
इसके कारण नगरपालिका के जलआपूर्ति करने वाले कर्मचारियों ने काम बंद कर कोतवाली थाने का घेराव कर दिया। तकरीबन 2 घंटे तक शहर के 25 वार्डों में जलआपूर्ति ठप रही। वहीं कोतवाली थाने में नपा के कर्मचारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर थाने के सामने प्रदर्शन किया। एसडीएम अजय उरांव ने आक्रोशित लोगों को समझाइश दी। इसके बाद मामला शांत हुआ।

नगरपालिका जांजगीर के कर्मचारियों को गर्मी के दिनों में शहर में जलापूर्ति करना खतरे से खाली नहीं लग रहा है। मोहल्लों में पानी नहीं पहुंचने से लोग आक्रोशित हो रहे हैं और नगरपालिका के कर्मचारियों से मारपीट करना शुरू कर दिए हैं। कुछ इसी तरह का विवाद सारथी मोहल्ला वार्ड नंबर 14 में हो गया। जहां सारथी मोहल्ले के लोग नगरपालिका के कर्मचारी प्रवीण सेन की जमकर पिटाई कर दी।

दरअसल प्रवीण सेन नगरपालिका के टैंकर से पानी की सप्लाई करता है। वह सारथी मोहल्ले में टेंकर लेकर पहुंचा था। इसी दौरान मोहल्ले के लोगों ने उसके साथ देर से पानी पहुंचा रहा कहकर मारपीट कर दिया। मारपीट को लेकर नपा के कर्मचारी आक्रोशित हो गए। दो दर्जन कर्मचारी एकजुट होकर काम बंद किए और कोतवाली थाने का घेराव कर दिया।

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कर्मचारियों का कहना था कि नपा के कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। थाने में काफी लंबे समय तक बहस होती रही। आखिरकार एसडीएम को मामले की सूचना हुई तब उन्होंने कोतवाली थाने को आदेशित करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही। इसके बाद नपा के कर्मचारी माने और दो घंटे बाद काम शुरू किए।

बंद रही टैंकरों से जल आपूर्ति
नगरपालिका के तकरीबन दो दर्जन कर्मचारी गर्मी को देखते हुए शहर के 25 वार्डों में केवल पानी व्यवस्था पर लगे हुए हैं। आधा दर्जन टैंकरों से जलापूर्ति की जाती है। कभी कभार किसी मोहल्ले में देर भी हो जाती है, जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हो जाता है। इधर कर्मचारियों की सुनने वाला कोई नहीं होता। कुछ इसी तरह की परेशानियों से तंग आकर कर्मचारियों ने दो घंटे के लिए काम बंद कर दिया था। जिससे शहर में जलापूर्ति ठप हो गया था। जिससे शहर के विभिन्न मोहल्ले के लोगों में हायतौबा मच गई थी।