
जांजगीर-चांपा. मैं गरीब लड़की हूं सर, मेरी इस साल शादी है आपको देने के लिए मेरे पास केवल 100 रुपए है... इस तरह के वाक्य बोर्ड की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को बेहद देखने को मिल रहा है। कोई उत्तर की जगह गाने लिखकर भेज रहा है, तो कई मार्मिक शब्द लिखकर मूल्यांकनकर्ता को इमोशनल कर रहा है। ताकि उसका नंबर किसी तरह बढ़ जाए और वह पास हो सके।
दसवीं-बारहवीं बोर्ड की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन कार्य इन दिनों पूरे चरम स्थिति में है। इन दिनों कक्षा दसवीं का विज्ञान पेपर चेकिंग किया जा रहा है। जिसमें अजीब तरह के छात्र सामने आ रहे हैं। कोई उत्तर की जगह गाना लिखा है। तो कोई उत्तरपुस्तिका में 100 रुपए का नोट छिपा दिया है। दिलचस्प बात यह है कि एक छात्र ने तो 500 रुपए का नया नोट अटेच कर दिया है।
ऐसे में मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों के बल्ले -बल्ले हो जा रहे हैं। शिक्षक भी खैरात में मिली रकम को चुपचाप अंदर कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि उसकी कापी में एक छात्र ने परदेश फिल्म के गीत जरा तस्वीर से तू निकल कर सामने आ, मेरी महबूबा गीत को हू-ब-हू उतार दिया है। इतना ही नहीं एक लड़की ने मार्मिक शब्दों में लिखी है कि इस साल मेरी शादी होने वाली है सर। मेरा पेपर शादी की तैयारी की वजह से नहीं बन पाई।
यदि मैंै परीक्षा में पास नहीं हो पाई तो मेरी शादी टूट जाएगी। प्लीज मुझे पास कर दीजिएगा सर। इतना ही नहीं उस लड़की ने अपनी उत्तरपुस्तिका में 100 रुपए चिपकाकर रख दी थी और यह कहा था कि उसके पास देने के लिए केवल 100 रुपए है। दुखद बात यह है कि उस लड़की ने 80 नंबर में केवल 5 से 7 नंबर मिला है। ऐसी स्थिति में उसे पास करने की गुंजाइश ही नहीं बन पा रही है। यानी उसका फेल होना तय माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इस साल जांजगीर केंद्र में बोर्ड का पेपर बालोद जिले से आया है। यहां का रिजल्ट बेहद खराब है। मात्र 30-35 प्रतिशत बच्चे ही पास हो रहे हैं।
इसलिए नहीं बढ़ा सकते नंबर
उत्तरपुस्तिका में पैसे छोडऩे या गाना लिखने का कार्य वह छात्र कर रहा है जो पूरे सब्जेक्ट में या तो पांच नंबर पा रहा है या अधिकतम 10 नंबर। 20 से 22 नंबर के करीब पहुंचे छात्र को दो से तीन नंबर सुधार के चांसेस रहते हंै। शिक्षक चाहकर भी उसका नंबर अधिक नहीं बढ़ा पा रहा। क्योंकि बोर्ड की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन कार्य बेहद कठिन है। क्योंकि उत्तरपुस्तिका बार-बार रिचेकिंग किया जा रहा है।
उत्तरपुस्तिका जांचने के बाद उसी कापी को दूसरे शिक्षक से भी क्रॉस चेक कराया जा रहा है। खासकर उन छात्रों की उत्तरपुस्तिका जांचना और बेहद कठिन है जो 80 प्रतिशत से अधिक अंक पा रहे हैं। शिक्षकों को इस बात का डर सता रहा है कि यदि पुर्नमूल्यांकन के दौरान यदि छात्र का नंबर बढ़ या घट रहा है तो सारी जिम्मेदारी मूल्यांकनकर्ता की होगी और उसे आजीवन मूल्यांकन कार्य से वंचित किया जाएगा।
-मूल्यांकन के दौरान बहुत से छात्र ऐसी हरकत करते हैं। यह गोपनीय विषय है। पढ़ाई लिखाई में पिछड़े छात्रों द्वारा इस तरह की हरकतें की जाती है- सीके राठौर, मूल्यांकन केंद्र प्रभारी
Published on:
15 Apr 2018 06:02 pm
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