जांजगीर चंपा

रसोई से गायब हुआ टमाटर, आखिर क्यों इन दिनों खरीदने से कतरा रहे लोग, पढि़ए खबर…

चिल्हर सब्जी व्यापारी टमाटर बेचने से कतरा रहे हैं, व्यापारियों के अनुसार टमाटर के दाम और बढऩे के आसार बन रहे हैं।

2 min read
रसोई से गायब हुआ टमाटर, आखिर क्यों इन दिनों खरीदने से कतरा रहे लोग, पढि़ए खबर...

जांजगीर-चांपा. डेढ़ माह पहले सब्जी बाजार में 10 से 15 रुपए किलो बिका, टमाटर अब 30 से 40 रुपए में बिक रहा है। 15 दिन के अंदर 70 रुपए तक टमाटर के दाम बढऩे से होटलों के साथ-साथ अब घरों से भी टमाटर गायब होने लगी है। चिल्हर सब्जी व्यापारी टमाटर बेचने से कतरा रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार टमाटर के दाम और बढऩे के आसार बन रहे हैं।

Read More : Video- मनरेगा से हुआ तालाब का गहरीकरण, ठेकेदार व सरपंच ने मिलकर बना दिया मुरुम का खदान
सब्जियों के दाम एकदम से बढऩे से घरों का बजट भी गड़बड़ा गया है। अभी शहर में बेंगलुरू और नासिक से टमाटर की आवक हो रही है, वो भी धीरे-धीरे कम हो रही है। थोक सब्जी कारोबारियों ने अभी रेट 20 फीसदी तक और बढऩे का अंदेशा जताया है। शहर के साप्ताहिक व दैनिक बाजार में टमाटर के रेट 15 दिनों में ही 30 से 40 रुपए किलो हो गए हैं। मोहल्लों के चिल्हर बाजारों और ठेलों में यह 35 से 40 रुपए किलो भी बिक रहा है।

ये भी पढ़ें

नकल प्रकरण का मामला : एनआईओएस के आदेश से घबराया आरोपी प्राचार्य, जांच से बचने भागा छुट्टी पर

बारिश को बता रहे कीमत बढऩे का कारण
सालों से सब्जी की खेती करने वाले जिले के किसानों ने बताया कि टमाटर का लोकल उत्पादन कहीं नहीं हो रहा है। बारिश के कारण टमाटर की फसल चौपट हो गई है। नए उपज के लिए बीज डाले गए हैं। इससे बाजारों में लोकल आवक नहीं हो रही है, जिसके कारण टमाटरों के दाम बढ़ गए हैं। वहीं बारिश से बंगलुरु व नासिक में भी टमाटर की फसल को नुकसान हुआ है। यही कारण है कि सप्लाई नहीं के बराबर है। अभी सब्जियों में सबसे महंगा टमाटर ही है। इससे गृहणियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

-देसी सब्जियों का टेस्ट बदलने वाला टमाटर महंगा है, इसलिए बड़े और मीठे हाइब्रिड टमाटरों की डिमांड बढ़ गई है। गोपाल राठौर, थोक सब्जी कारोबारी

ये भी पढ़ें

Video- मनरेगा से हुआ तालाब का गहरीकरण, ठेकेदार व सरपंच ने मिलकर बना दिया मुरुम का खदान
Published on:
06 Jul 2018 06:31 pm
Also Read
View All