
नकल प्रकरण का मामला : एनआईओएस के आदेश से घबराया आरोपी प्राचार्य, जांच से बचने चला गया छुट्टी पर
जांजगीर-चांपा. पामगढ़ स्थित शासकीय महामाया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 31 मई से दो जून तक डीएलएड की परीक्षाओं में हुए नकल के प्रकरण में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीय शिक्षा संस्थान रायपुर (एनआईओएस) ने जांच करने का आदेश दिया है। एनआईओएस के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. अखिलेश कुमार भट्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर जीपी भास्कर को पत्र लिखकर मामले की गंभीरता से जांच करने कहा है।
चार जुलाई को लिखे गए पत्र में जांच रिपोर्ट 10 दिन के भीतर देने का कहा गया है, लेकिन इस जांच से बचने के लिए आरोपी प्राचार्य राजेंद्र शुक्ला डीईओ के नाम आवेदन लिखकर 10 दिन के अवकाश पर चला गया है। उसके द्वारा छुट्टी लेने का कारण अपनी मां का गंभीर बीमार होना बताया गया है। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि शुक्ला इस जांच को प्रभावित करने व उससे बचने के लिए छुट्टी पर गया है।
आपको बता दें कि इस नकल के प्रकरण को उठाने वाले डीएलएड के छात्र मुरली मनोहर शर्मा ने एनआईओएस के अध्यक्ष डॉ. सीबी शर्मा और क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एके भट्ट को पत्र लिखकर शिकायत की थी। उसने उन्हें वह आडियो क्लिप भी दी थी, जिसमें राजेंद्र शुक्ला ने शर्मा को धमकी भरे लहजे में कहा कि उसने डीएलएड की परीक्षा के दौरान महामाया विद्यालय में नकल करवाई थी। उसमें उसकी पत्नी भी शामिल थी।
इतना ही नहीं शुक्ला ने आगे भी नकल कराने का दावा करते हुए अपनी पत्नी को प्राचार्य कक्ष में बैठकर परीक्षा दिलाने का दावा किया है। इस शिकायत पर एनआईओएस ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इस मामले की गंभीरता से जांच के लिए डीईओ जांजगीर को पत्र लिखा है। इससे पहले की डीईओ जांच शुरू करते राजेंद्र शुक्ला को इसकी जानकारी लग गई और वह डीईओ के नाम छुट्टी का आवेदन लिखकर बिना अवकाश स्वीकृति मिले ही अपना प्रभार वरिष्ठ व्याख्याता राजेश मिश्रा को सौंपकर अपने गृह ग्राम चांदपुर जिला डिंडौरी मध्य प्रदेश चला गया।
कलेक्टर ने अवकाश पर लगा रखी है रोक
राजेंद्र शुक्ला द्वारा ऐसे समय पर आकस्मिक अवकाश लिया गया है, जब कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने सभी अवकाश पर रोक लगाई हुई है और विशेष परिस्थिति में खुद उनके द्वारा ही अवकाश स्वीकृति मिलने के बाद कार्यालय क्षेत्र छोडऩे का आदेश दिया हुआ है। इतना ही नहीं ऐसे में बिना अवकाश स्वीकृति के चले जाना राजेंद्र शुक्ला द्वारा कलेक्टर के आदेश की अवहेलना सहित एनआईओएस की जांच को प्रभावित करने का भी आरोपी पाया जा रहा है।
अवैतनिक अवकाश के साथ ही होगी एकपक्षीय जांच
इधर जिला शिक्षा अधिकारी जीपी भास्कर ने राजेंद्र शुक्ला द्वारा अवकाश में जाने की सूचना से इंकार किया है। उनका कहना है कि यदि वह अवकाश पर गए हैं तो उन्हें अपसेंट करके अवैतनिक किया जाएगा। जांच के बारे में डीईओ का कहना है कि उन्हें एनआईओएस ने जांच के लिए दस दिन का समय दिया है। शुक्ला को जांच में उपस्थित होने के लिए पत्र लिखा जाएगा और यदि वह उपस्थित नहीं होते वह एक पक्षीय जांच करके रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेंगे।
Updated on:
06 Jul 2018 05:45 pm
Published on:
06 Jul 2018 05:43 pm
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