भीमकाय वाहनों को वन-वे सड़क पर दौड़ाया जा रहा है, इसके चलते लोगों को बार-बार जाम और धूल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जांजगीर-चांपा. बिर्रा फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के चलते क्षेत्रवासी पांच सालों से पहले ही परेशान हैं। उस पर बगैर व्यवस्था बनाए शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव बढ़ा देने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। आधी-अधूरी व्यवस्था से भीमकाय वाहनों को वन-वे सड़क पर दौड़ाया जा रहा है, इसके चलते लोगों को बार-बार जाम और धूल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरत की बात यह है कि चंद जवानों के भरोसे भारी वाहनों के लिए जिस तरह की व्यवस्था बनाई गई है, उससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
चांपा के बिर्रा फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज के काम में गति लाने जब से बिर्रा फाटक को बंद किया गया है, तब से चांपा की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि शहर के मुख्य मार्ग स्टेशन व गौरवपथ में वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। इस लिहाज से यहां बल की व्यवस्था ही नहीं है। खासकर कोरबा रोड से छुइया तालाब तक की सड़क वन-वे है। करीब डेढ़ किमी का यह क्षेत्र वन-वे ही है, लेकिन इसमें भारी वाहनों की आवाजाही किस कदर हो रही है समझा जा सकता है।
इस क्षेत्र की सड़क में दो जगह मोड़ भी है, जबकि सड़क के किनारे ही कुरदा पंचायत है। मोड़ में जब भारी वाहनों को टर्न किया जाता है तो जाम लग जाता है। इसके बाद वाहनों की लंबी फेहरिस्त लग जाती है। यदि कोरबा रोड के अलावा विभिन्न मोड़ और चौक-चौराहों में पर्याप्त संख्या में जवान तैनात किया जाता है तो ऐसी समस्या ही उत्पन्न नहीं होगी, लेकिन बड़े अफसर आदेश-निर्देश देकर शांत बैठ गए, जबकि निचले स्तर के अफसर व कर्मचारियों की फजीहत हो गई है। इस अव्यवस्था से लोगों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। क्योंकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बुधवार को लोगों की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। अगर अब भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो लोगों को सड़क पर उतरते देर नहीं लगेगी।