
जांजगीर-चांपा. यदि आप परशुराम चैक की ओर जा रहे हैं या फिर दुग्गड़ उद्यान के पास से गुजर रहे हैं तो संभल जाइए। ये खतरनाक मोड़ कभी भी हादसे के कारण बन सकते हैं। ये दोनों मोड़ के पास लोग अपने वाहन की गति को धीमी नहीं करते। इस वजह से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। लोगों को अप्रिय स्थिति से बचाने प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। यहां कम से कम संकेतक लगाए जाने की अत्यंत आवश्यकता है।
चांपा का परशुराम चौक कई मायने से महत्वपूर्ण है। इस चौक से होते हुए लोग कदम चौक, सदर बाजार, राजपारा आदि के लिए आना-जाना करते हैं। इसी तरह परशुराम चौक से होकर ही लोग गौरवपथ की ओर आवाजाही करते हैं। इसी तरह परशुराम चौक से ही होकर लोग इंडोर हॉल की ओर जाते हैं, वहीं इसी चौक से होकर लायंस चौक और बीडीएम अस्पताल की ओर आना-जाना करते हैं।
इसके चलते इस चौक पर हमेशा दबाव बना रहता है। कई बार गौरवपथ से इंडोर हॉल और बीडीएम मार्ग से कदम चौक की ओर जाते समय लोग आपस में टकरा जाते हैं। यहां पर का चौक ऐसा है यदि कोई इंडोर हॉल से गौरवपथ की ओर जा रहा है और उधर से कोई आ रहा है तो एक-दूसरे को पता ही नहीं चलता कि दोनों वाहनों की आवाजाही हो रही है। इस मार्ग में केवल दो पहिया ही नहीं चलता, बल्कि गौरवपथ के किनारे स्टैंड होने के कारण बसों की आवाजाही होती है।
इसी मार्ग से रेत लोड अनलोड करने ट्रैक्टर फर्राटे भरते हैं। किसी बड़े हादसे को ध्यान में रखते हुए ही यहां ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है, लेकिन इसे प्रारंभ करने ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह है लोग आए दिन छोटे-बड़े हादसे के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसी तरह की स्थिति शहर के राजकिरण दुग्गड़ उद्यान के पास की है। लोग जब थाना की ओर से स्टेशन की ओर जाते हैं तो जांजगीर की ओर से आने वाले नजर नहीं आते। इस वजह से यहां भी आए दिन दुर्घटना होती है।