- अफसरों की नजर इस बात को लेकर है कि कहीं बड़ी राशि मतदाताओं को बांटने के लिए तो नहीं ले जाया जा रहा है।
जांजगीर-चांपा. चुनाव आचार संहिता के तहत अफसर व पुलिस बेदम सक्रिय नजर आ रही है। संपत्ति संबंधित मामले की जांच पड़ताल बड़े जोर शोर से की जा रही है। यदि आप ५० हजार रुपए से अधिक की राशि लाना ले जाना कर रहे हैं तो इसका पुख्ता प्रमाण रखना होगा। रकम चाहे बिजनेश पर्पस से ले जा रहे हों या फिर किसी अन्य कारण से। पकड़े जाने पर आपको पुलिस व राजस्व अधिकारी को ठोस प्रमाण देना होगा, तभी आपकी रकम छूटेगा। अफसरों की नजर इस बात को लेकर है कि कहीं बड़ी राशि मतदाताओं को बांटने के लिए तो नहीं ले जाया जा रहा है। कुछ इसी तरह की जांच का शिकार एक व्यवसायी को होना पड़ गया।
दरअसल हुआ यह कि सोमवार की शाम शहर का एक सीए एक बिल्डर्स से ५० हजार रुपए लेकर जा रहा था। वह बीटीआई चौक से गुजर रहा थे। तभी राजस्व विभाग के आरआई जीआर कश्यप व पुलिस की टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान कार को रुकवाया। कार की तलाशी ली गई तब आरआई ने कार चालक सीए के कब्जे से ५८ हजार रुपए जब्त कर लिया। कार का चालक रकम का हिसाब दे ही रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तनातनी हो गया। बाद में सीए ने ५० हजार रुपए के प्रदाता बिल्डर्स को मौके पर बुलाया। बिल्डर्स ने रकम देना स्वीकार किय। तब सीए की रकम को छोड़ा गया। सीए को बेवजह अफसरों को जवाब देना पड़ गया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। राजस्व अफसर ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई।
जिपं सदस्य की कार से हूटर, नेमप्लेट हटाया
अकलतरा पुलिस द्वारा सोमवार को वाहनों की सघन जांच पड़ताल की जा रही थी। तभी जिला पंचायत सदस्य का पति पुलिस गिरफ्त में आ गया। जिला पंचायत सदस्य अजय दिव्य अपनी कार में बड़े अक्षरों में जिला पंचायत सदस्य लिखा था। इतना ही नहीं कार में हूटर भी लगाया था। जिसे पुलिस ने निकलवाया। वहीं वाहन के नंबर प्लेट में लिखे पदनाम को भी निकाला। वाहन स्वामी अजय दिव्य के खिलाफ मोटरव्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।