जांजगीर चंपा

Video- वन अमला पानी का टैंकर लेकर पहुंचा कलेक्टोरेट परिसर, जले हुए पौधों में फिर से पानी डाल कर जिंदा करने की कोशिश

हर साल लगती है आग, लोगों ने कहा कि जिम्मेदारों के ऊपर हो कार्यवाही

2 min read

जांजगीर-चांपा. हरिहर छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के तहत कलेक्टोरेट परिसर के पीछे लगे सैकड़ों की संख्या में लगे हरे-भरे पौधे को आग के हवाले कर दिया गया। पूरे पौधे हरे रंग से सूखे पत्तों की झुरखट में बदल गए और वन अमले के पास इतनी फुर्सत भी नहीं रही कि वह आग को बुझाता। दूसरे दिन जब आग अपने आप बुझ गई तो वन अमला पानी का टैंकर लेकर मौके पर पहुंचा और पाइप से मरे हुए पौधों को पानी डाल रहा है।

पूछे जाने पर वन अधिकारियों को गैर जिम्मेदाराना जवाब सामने आ रहा है। उनका कहना है कि किसी ने बीड़ी पीकर फेंका है, जिससे यह आग लगी है, जबकि हकीकत यह है कि यह आग यहां हर साल लगती है। लोगों का कहना है कि वन अमले ने ही यह आग जानबूझ कर लगाई है, जिससे कि उसे फिर से पौधरोपण और उसकी देखरेख के नाम पर मनमाना शासकीय राशि खर्च करने का मौका मिल सके।

ये भी पढ़ें

महिला के साथ मनाना चाहता था रंगरलियां, महिला ने जब किया विरोध तो पूर्व प्रेमी ने इस घटना को दिया अंजाम, पढि़ए खबर

हकीकत यह है कि इस पौध रोपण को बचाने के लिए पत्रिका ने पिछले साल भी एक मुहिम चलाई थी, जिसके बाद वन विकास निगम की नींद टूटी और उसने पूरी गर्मी टैंकर से पौधों का पानी डालकर बड़ा किया था। वन विकास निगर के तत्कालीन अधिकारी अमिताभ वाजपेयी का कहना था कि यदि इन पौधों को एक साल और इसी तरह देखरेख दी गई तो फिर यह पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे और कलेक्टोरेट के पीछे एक हरा-भरा क्षेत्र डवलप हो जाएगा, लेकिन शायद वर्तमान वन विकास निगम के अधिकारी को यह मंंजूर नहीं था और उनकी लापरवाही के चले आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया है।

लापरवाही नहीं हत्या है ये
अब लोग यहां तक कहने लगे हैं कि यह आग महज एक लापरवाही नहीं बल्कि हरे-भरे जीवित सैकड़ों पौधों की हत्या है। हिंदू धर्म में वृक्ष को जीवित जीव की संज्ञा देते हुए उसके कई संस्कार भी ऐसे किए जाते हैं, जो कि हिंदुओं के द्वारा उनके परिवार के सदस्य के लिए किए जाते हैं। कई जगह वृक्षों का जनेऊ संस्कार सहित शादी भी की जाती है, लेकिन यहां इन पौधों को बिना किसी संस्कार के भीषण गर्मी में भूखा प्यासा रखकर जिंदा जला दिया गया है।
- इसे लेकर जांच कराई जाएगी और जिसकी भी गलती पाई जाएगी उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। वहां पौधों को बचाने के लिए सभी उपाए किए जाएंगे- नीरज बनसोड़, कलेक्टर जांजगीर-चांपा

ये भी पढ़ें

#Topic Of The Day – संयुक्त प्रयास से समस्याओं का समाधान सम्भव : केशरवानी
Published on:
12 May 2018 06:15 pm
Also Read
View All