Janjgir Champa News: जल संसाधन विभाग के EE शशांक पर चालक को धमकाने का आरोप लगा है। विवाद के दौरान उन्होंने एसडीएम कार्यालय में आकर मारने और कलेक्टर के रहते या जाते ही ट्रांसफर कराने की धमकी दी।
Chhattisgarh News: जांजगीर-चांपा जिले के जल संसाधन विभाग के ईई शशांक सिंह का ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एसडीएम कार्यालय में पदस्थ चालक को कह रहा है कि तेरा ट्रांसफर दंतेवाड़ा करा दूंगा, मेरे को जानता नहीं है। मामला अकलतरा में एसडीएम कार्यालय में पदस्थ चालक का है। जिसका 5 माह से वेतन नहीं मिला है। इसलिए वे संबंधित एसडीएम से इस संबंध में चर्चा करने पहुंचा था।
सिंचाई विभाग में पदस्थ चालक शशि साहू वर्तमान में अटैच में एसडीएम कार्यालय अकलतरा में कार्यरत है। इसका बकायदा विभाग द्वारा ही अटैच किया गया है। अटैच के बाद इसका वेतन जल संसाधन विभाग जांजगीर से ही निकलना है। लेकिन पिछले 5 माह से चालक का वेतन निकाला ही नहीं जा रहा है। इससे चतुर्थ वर्ग कर्मचारी का घर चलाना मुश्किल हो गया है। भरण-पोषण करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक-दो माह का समझ में आता है, 5 माह से वेतन नहीं मिला है। इस संबंध में कई बार उन्होंने एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों को अवगत करा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
इसी दौरान चालक शशि अपनी समस्या को लेकर एसडीओ अकलतरा के पास पहुंचे। इस दौरान चालक ने सामान्य कुछ बात कह दिया। इस बात की जानकारी ईई को एसडीओ ने बढ़ा-चढ़ाकर बता दिया। इसके बाद जल संसाधन विभाग के ईई शशांक सिंह व चालक शशि साहू का ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें ईई चालक को खुलेआम भद्दी-भद्दी गाली-गलौच करते हुए धमकी दिया जा रहा है।
साथ ही कह रहा है कि तत्काल बोरिया बिस्तर बांधकर रखना, दंतेवाड़ा ट्रांसफर करा दूंगा। अभी मेरे को जानता नहीं है। इसके अलावा इस ऑडियो में इतना ज्यादा गाली-गलौच है कि जिसको हम आपको सार्वजनिक नहीं कर सकते। साथ ही किसी को सुनने में भी खराब लगेगा।
जल संसाधन विभाग में वाहन चालक के पद पर कार्यरत कर्मचारी शशि साहू ने पांच माह से वेतन न मिलने का आरोप लगाया है। कर्मचारी के अनुसार उसे विभाग द्वारा एसडीएम का वाहन चलाने के लिए आदेशित किया गया था और वह तब से एसडीएम कार्यालय में कार्यरत है। पांच माह से वेतन न मिलने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है, जिससे परिवार के पालन-पोषण के लिए उसे ब्याज पर पैसे लेकर जीवनयापन करना पड़ रहा है।
चालक ने अपने लंबित वेतन के संबंध में जल संसाधन विभाग की एसडीओ से संपर्क किया था। चालक का आरोप है कि इस बातचीत के बाद जल संसाधन विभाग के ईई शशांक सिंह ने उसे अभद्र भाषा का एक्सपेरिमेंट करते हुए दंतेवाड़ा स्थानांतरण की धमकी दी। चालक ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उसे वेतन के लिए रोजाना झूठे आश्वासन दिए जा रहे थे।
इस वायरल ऑडियो में ईई धमकी देते हुए कहा रहा कि एसडीएम कार्यालय में आकर मारूंगा। यूनियन गिरी करा रहा है, ट्रांसफर नहीं करा दूं तो मेरा नाम शशांक सिंह नहीं। मेरे कार्यालय में तत्काल आ जा, नहीं तो जहां है वहां पहुंचकर लात घूसों से मारूंगा। यह भी कहा कि एसडीएम मेरा कुछ नहीं कर सकता।
ऑडियो में आगे कहा कि एसडीएम के कहने पर ५ माह का वेतन जारी नहीं कर रहा था। कलेक्टर के कहने पर ही १ माह का वेतन जारी किया हूं। 5 माह का आगे भी नहीं करूंगा। कलेक्टर के जाने के बाद या पहले ही तेरा दंतेवाड़ा ट्रांसफर करा दूंगा।
जन्मेजय महोबे, कलेक्टर के मुताबिक, आडियो वायरल मामले में अपर कलेक्टर को जांच कर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।