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मुंबई हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, तरबूज खाने से किशोर की मौत के बाद सहमे लोग, खाद्य सुरक्षा विभाग बेखबर

Watermelon Death Case: मुंबई में तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन नहीं चेता। अब जांजगीर-चांपा जिले में भी तरबूज खाने के बाद एक किशोर की मौत ने लोगों में डर बढ़ा दिया है।

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Watermelon Food Poisoning Case

भारी पड़ रही जहरीली मिठास। फोटो- पत्रिका

Watermelon Food Poisoning Case: मुंबई में तरबूज खाने से हुई गंभीर घटना के बाद जांजगीर-चांपा जिले में फलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार में विभिन्न फलों के गुणवत्ता व स्वच्छता की जांच करने वालों को सरोकार नहीं है। इसी खामियाजा हुआ कि सोमवार को जिले में तरबूज खाने से एक किशोर की मौत हो गई।

तरबूज में टॉक्सीन की आशंका, जांच रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

डॉक्टरों का कहना है कि किसी प्रकार का टॉक्सीन तो जरूर था। हालांकि फॉरेसिंग जांच के लिए लैब भेजा गया है। उसके बाद ही कुछ कहा जाता सकता है। इधर पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके बाद आगे की जांच की जाएगी। गर्मी में मौसमी फलों की मांग बढऩे के साथ खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खराब फलों की बिक्री न हो इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

जबकि पिछले साल गर्मी में कई किलो दूषित फल नष्ट किए थे, इस साल इनकी सुध्ण नहीं ली। साथ ही मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की तरबूज खाने से पखवाड़े भर पहले मौत हो चुकी है। इसमें रिपोर्ट में चूहे मारने की दवा होने की बात भी सामने आ गई है। इसके बावजूद जिले में इसको लेकर गंभीर जिम्मेदार नहीं आए। इसका खामियाजा एक किशोर की मौत से चुकाना पड़ा।

चमकदार फलों के पीछे जहर का खेल? तरबूज कांड के बाद सहमे लोग

शहर की सब्जी, फल मंडियों और फुटपाथों पर बेचे जा रहे फलों पर कीटनाशकों के अवशेष, कृत्रिम रूप से पकाने वाले रसायन मैग्निशयम कार्बाइड और धूल मिट्टी की परत चढ़ी रहती है। शहर में स्वास्थ्य विभाग खाद्य सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी है कि मानक अधिनियम के तहत फलों की नियमित जांच करें, ताकी मौसमी फल से कोई बीमार न हो जाए। लेकिन विभाग अफसर इस जिम्मेदारी को निभाने में विफल साबित हो रहे है।

कई बार फलों में चमक लाने के लिए हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है, ये मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। मुंबई में रासायनिक तरबूत खाने बाद एक ही परिवार व जिले में एक किशोर की मौत होने पर लोगों के मन में तरबूज के सेवन को लेकर डर बैठ गया।

कीटनाशक, केमिकल या इंफेक्शन के कारण हो सकती है स्वास्थ्य संबंधित समस्या

तरबूज खाने मौत व अन्य घायलों की इलाज कर रहे मृतक व अन्य जिला अस्पताल के डॉ. दीपक साहू व डॉ. इकबाल हुसैन की मानें तो तरबूज खाने से हुई बच्चों की तबीयत बिगडऩे और एक बच्चे की दुखद मृत्यु हुई है। यह घटना अत्यंत चिंताजनक है। आम जनता से अपील है कि गर्मी के इस मौसम में सतर्क रहें। तरबूज या कोई भी फल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है और गर्मी में लू के बचाव में भी काम आता है।

तरबूज या किसी भी फल में लगे केमिकल या इन्फेक्शन के कारण स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। इसके अलावा कीटनाशक मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खेती के समय कई बार फलों पर रस घूसने वाले किट इल्ली सहित मौसमी बीमारियां का असर होने से किसान इसका उपयोग करते हैं। किसान ऐसे कीटनाशक का उपयोग करें, जो कम समय तक असरदार करें।

खरीदते समय बरतें सावधानियां

  • तरबूज या कोई भी फल को काट कर या पहले से कटा हुआ टुकड़ा न खरीदें। इससे फूड पॉयजनिंग का खतरा हो सकता है।
  • तरबूज का रंग असामान्य रूप से गहरा लाल या उसमें रसायनों (केमिकल) की गंध आए तो उसका सेवन न करें।
  • तरबूज पर किसी भी प्रकार के चिपचिपे पदार्थ या पाउडर जैसा कुछ दिखे तो उसे बिल्कुल न खाएं।