एनएच में बड़े-बड़े गड्ढे और पटरी में दुकानदारों का अतिक्रमण
जांजगीर-चांपा. शहर की खूबसूरती में दाग लगा रहे उखड़ी सड़कों व पटरी पर दुकान संचालकों के अतिक्रमण पर न तो पालिका प्रशासन का ध्यान है और न पुलिस और जिला प्रशासन का। पत्रिका लगातार शहरवासियों की मांग पर उनकी तकलीफों को सामने लाकर इस समस्या को दूर करने का मुद्दा उठा रही है।
पुलिस, जिला व पालिका प्रशासन के अधिकारी एक आध घंटे खानापूर्ति के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंचते हैं और फिर खाली हाथ लौट जा रहे हैं। इस समस्या को खत्म करने में नाकाम साबित हो रहे जांजगीर एसडीओपी जितेंद्र चंद्राकर से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।
सभी अधिकारी व्यस्त होने की बात कहकर सामूहिक कार्रवाई के लिए नहीं पहुंचते हैं। बिना सामूहिक कार्रवाई के अतिक्रमण हटाना संभव नहीं है। एक जिम्मेदार अधिकारी के बयान से यह तो सभा है कि पुलिस प्रशासन कार्रवाई करना चाह रही है, लेकिन पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन की लचर कार्यशैली के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। शायद यह लोग नहीं चाह रहे हैं कि उनके शहर का आवागमन सुचारु हो और लोग परेशान न हों।
अंधे मोड़ पर किसी का नहीं ध्यान
नैला रेलवे स्टेशन के सामने से गुजरी रोड काफी सकरी होने के साथ-साथ एल आकार में मुड़ी हुई है। यहां अंधा मोड़ होने व वाहनों के अधिक दबाव से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। रेलवे प्रसासन व राजस्व प्रशासन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि हकीकत यह है कि यहीं पर हर साल एक या दो मौतें हो रही हैं।
-एसपी के निर्देश पर हम लोग कार्रवाई के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जिला व पालिका प्रशासन का कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। जब तक यहां सामूहिक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या का हल नहीं निकलेगा।
-जितेंद्र चंद्राकर, एसडीओपी, जांजगीर
-जब भी अतिक्रमण को लेकर हमसे कहा जाता है मैं जेसीबी व अन्य वाहन के साथ पूरे अमले को भेज रहा हूं। यह अच्छी पहल है। यदि पुलिस व जिला प्रशासन एक साथ तैयार है तो मैं खुद अमला लेकर कार्रवाई के लिए पहुंचने के लिए तैयार हूं।
-सुशील चंद्र शर्मा, सीएमओ, नगर पालिका जांजगीर नैला
-यह कार्य बिना टीम वर्क के संभव नहीं है। इसके लिए पुलिस व पालिका प्रशासन के अधिकारी एक साथ मेरे साथ बैठकर रणनीति तैयार करें और उसके बाद अतिक्रमण हटाने के लिए कदम उठाया जाए। तभी नैला जांजगीर रोड से अतिक्रमण हटना संभव है।
-अजय उरांव, एसडीएम जांजगीर