CG News: पत्थगांव के आसपास के जंगलों में चल रहे जुए की फड़ में नवयुवक और ग्रामीण कृषकों की संया ज्यादा है।
CG News: पत्थगांव के आसपास के जंगलों में चल रहे जुए की फड़ में नवयुवक और ग्रामीण कृषकों की संया ज्यादा है। गांव-देहात से जंगल सटे रहने के कारण यह शौक अब ग्रामीण कृषकों के सिर चढ़ कर बोल रहा है।
जशपुर रोड राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे तुरूआमा, पाकरगांव के आस-पास होटलों में सबसे अधिक जुआ खिलवाया जा रहा है। यहां होटल की आड में हर रोज 10 से 15 लाख रुपए के फड़ सज रहे हैं। इन फड़ों में पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लग रहे हैं। यही कारण है, कि राजमार्ग से लगे रहने के बाद भी यहां बेधडक जुआ चल रहा है और पुलिस आज तक यहां कोई कार्यवाही नहीं कर सकी। अब यदि जंगलों में चल रहे जुए की बात करें तो यहां फड़ चलाने वाले संचालक कुछ युवा ही हैं, उनकी फड़ में नवयुवक और ग्रामीण कृषकों की संया ज्यादा है, गांव से सटे जंगल रहने के कारण कृषक इन फड़ो में आसानी से पहुच जाते हैं।
जहां वो अपनी मेहनत की कमाई दांव में लगाकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। हारे हुए जुआड़ी कृषक मायूस घर जाकर कलह करते हैं, जिसकी परेशानी कृषकों की महिलाओ को उठानी पड़ती है। जोराडोल, तिलडेगा, कुनकुरी, बहनाटांगर के जंगल में हर रोज जगह बदलकर जुए के फड़ सज रहे हैं। रविवार को जोराडोल से 3 कृषक परिवारों की महिलाओं ने मौखिक शिकायत कर जुए के फड़ बंद कराने व इसे संचालित करने वाले संचालकों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।
जुए की शिकायत मिली है, बहुत जल्द ही जुआरी एवं जुआ अड्डा संचालित करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हरीश पाटिल, एसडीओपी जशपुर।