Former BJP MLA Death: छत्तीसगढ़ के जशपुर के पूर्व भाजपा विधायक जागेश्वर राम भगत का निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे भगत के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक जताया।
Former BJP MLA Death: छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जशपुर के पूर्व विधायक और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जागेश्वर राम भगत का रविवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
राजनीतिक जीवन के अलावा जागेश्वर राम भगत सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बेहद सक्रिय रहे। वे आदिवासी समाज के उत्थान और उनकी परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करते रहे। उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम की सरहुल समिति के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और समाज के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई।
उनका जीवन सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकारों का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने कार्यकाल और व्यक्तिगत जीवन में हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का प्रयास किया। इस दुखद घटना पर विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि जागेश्वर राम भगत एक वरिष्ठ और समर्पित नेता थे, जिन्होंने पार्टी और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे वनवासी कल्याण आश्रम के भी एक सक्रिय और निष्ठावान कार्यकर्ता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन समाज सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कामना की और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की बात कही। जागेश्वर राम भगत के निधन से न केवल राजनीतिक क्षेत्र, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जगत को भी एक बड़ी क्षति पहुंची है। उनके कार्यों और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
जागेश्वर राम भगत ने जशपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विधायक के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास, सड़क, शिक्षा और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई प्रयास किए। वे एक सरल और जनसंपर्क वाले नेता के रूप में पहचाने जाते थे, जिनकी पकड़ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में मजबूत थी। बता दें कि जागेश्वर राम भगत का जीवन आदिवासी समुदाय के हितों के लिए समर्पित रहा। वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में सक्रिय रहे।