दिग्गज कांग्रेसी नेता चंचल सिंह 40 साल पुराने मामले में भेजे गए जेल, मोदी सरकार और योगी सरकार के खिलाफ लिखी पोस्ट लगातार चार्ज में रहती है।
जौनपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार लिखने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता और बीएचयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंचल सिंह जेल भेज दिये गए हैं। उन्हें 40 साल पुराने एक मामले में वारंट जारी होने के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा है। चंचल सिंह पुराने समाजवादी चिंतक और अव्यवस्था के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद करने वाले नेता रहे हैं। वह जॉर्ज फर्नांडीज के सलाहकार भी रहे हैं। उनपर 1978 में सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और कलेक्टर से झड़प का आरोप है। बताया गया है कि उनके खिलाफ इस मामले में 1986 से कई बार वारंट जारी किया गया था।
ये है पूरा मामला मामला
चंचल सिंह बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र थे। 1978 में वह बीएचयू के छात्रसंघ अध्यक्ष बने। इसके साथ ही उन्होंने राजनीत में कदम रख दिया। उसी समय जौनपुर के अपने पैतृक निवास महराजगंज के ब्लॉक मुख्यालय पर कुछ लोगों के साथ एक चाय की दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे। इसी दौरान उनके पास पुराने परिचित भारत यादव जा पहुंचे। भारत सीमेंट का परमिट न मिलने से परेशान थे। उन दिनों यूपी में सीमेंट की जबरदस्त किल्लती थी और इसके लिये परमिट देने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास था। उधर इसी दौरान उस समय के जिलाधिकारी टीडी गौड़ विकास खण्ड का मुआयना करने जा पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक चंचल के साथ मौजूद उनके परिचित भारत यादव ने कलेक्टर से चार बोरी सीमेंट के लिये अनुरोध किया। इसको लेकर कुछ विवाद हो गया और चंचल व डीएम के बीच बहुत ही तल्ख लहजे में बहस हो गई। चंचल की मानें तो इस मामले में समझौता भी हो गया था। बावजूद इसके इतने साल बीत जाने के बाद भी वारंट जारी हो गया। चंचल को गिरफ्तार कर उन्हें जौनपुर दीवानी न्यायालय की पांचवीं कोर्ट में पेश किया गया।
पहले ही जता चुके थे गिरफ्तारी का अंदेशा
चंचल सिंह को इस पुराने मामले में जेल भेजे जाने का अंदेशा पहले ही हो चुका था। उन्होंने गिरफ्तारी के पहले अपने फेसबुक वाल पर लिखा था
"निवेदन और अपील दोनो है । हमे जो भी पुलिसवाले लेकर अदालत जायेगें ,उनके साथ कोई बदसलूकी न होने पाए । ये पुलिसवाले अपनी ही परिवार से हैं किसी अडानी अम्बानी के घर से नही आते , मुलाजिम हैं जो हुकुम ऊपर से मिलता है , वही करते हैं । हम गांधी लोहिया के लोग हैं , न मारेंगे , न मानेगे । आप हमारी मदद करें शांति पूर्ण तरीके से इस निजाम को बदल दें ।"