जौनपुर

नवजात के पेट में 2 दिनों से पल रहा था अर्ध विकसित भ्रूण; डॉक्टर्स भी रह गए दंग

Rare Medical Condition: एक अस्पताल में नवजात के पेट में अर्ध विकसित भ्रूण मिलने का बेहद दुर्लभ मामला सामने आया है। अल्ट्रासाउंड जांच में इस बात का पता चला। जानिए पूरा मामला क्या है?

2 min read
Apr 01, 2026
नवजात के पेट में मिला अर्ध विकसित भ्रूण। फोटो सोर्स-AI

Rare Medical Condition: उत्तर प्रदेश के शाहगंज में एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवजात शिशु के पेट में अर्ध विकसित भ्रूण मिलने से डॉक्टर भी हैरान रह गए। इस असामान्य स्थिति ने ना सिर्फ परिजनों बल्कि मेडिकल स्टाफ को भी अचंभित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ निवासी महिला ने सोमवार को अपने क्षेत्र के एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार के लोग काफी चिंतित हो गए। बच्चे की हालत को देखते हुए उसके पिता उसे बेहतर इलाज के लिए मंगलवार को शाहगंज स्थित चाइल्ड केयर अस्पताल लेकर पहुंचे।

ये भी पढ़ें

होटलों में फैला जिस्मफरोशी का जाल! दिल्ली से लाई जाती हैं लड़कियां, स्पा सेंटर और WhatsApp ग्रुप….

डॉक्टरों ने जांच के बाद कराया अल्ट्रासाउंड

अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. महफूज अहमद ने नवजात की स्थिति को देखते हुए उसकी जांच की। शुरुआती जांच में बच्चे की स्थिति सामान्य नहीं लगने पर डॉक्टर ने तुरंत अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट डॉ. फारूक अरशद ने नवजात का अल्ट्रासाउंड किया। जांच के दौरान जो रिपोर्ट सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। अल्ट्रासाउंड में पता चला कि नवजात के पेट के अंदर एक अर्ध विकसित भ्रूण मौजूद है।

फीटस इन फीटू नाम की दुर्लभ स्थिति

डॉक्टरों के अनुसार यह बेहद दुर्लभ मेडिकल स्थिति है, जिसे चिकित्सा भाषा में “फीटस इन फीटू” कहा जाता है। इस अवस्था में एक भ्रूण के भीतर दूसरा भ्रूण विकसित होने लगता है, लेकिन वह पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता।

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर में ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम होती है और यह स्थिति लाखों में किसी एक बच्चे में देखने को मिलती है। इस तरह की घटना आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान जुड़वा भ्रूण के असामान्य विकास के कारण होती है।

डॉक्टरों की टीम रख रही लगातार निगरानी

फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की टीम नवजात की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में समय पर सही उपचार मिलना बेहद जरूरी होता है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. महफूज अहमद ने बताया कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा उपचार किया जाए तो इस तरह की स्थिति को सफलतापूर्वक संभाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की चिकित्सा प्रक्रिया और उपचार को लेकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह ली जा रही है।

परिवार में चिंता के साथ उम्मीद भी

नवजात की इस दुर्लभ स्थिति की जानकारी मिलने के बाद परिवार में चिंता का माहौल है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी और इलाज से उन्हें उम्मीद भी है कि बच्चे की हालत जल्द ही बेहतर होगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नवजात को फिलहाल विशेष देखभाल में रखा गया है और उसकी सेहत को लेकर हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी जांच कर रही है ताकि सही समय पर उचित इलाज किया जा सके।

ये भी पढ़ें

बंद कमरा और आपत्तिजनक अवस्था में 3 किशोर 2 किशोरियां: कुल 45 से ज्यादा वीडियो वायरल; मकान और होटल में कुकर्म

Also Read
View All

अगली खबर