जौनपुर

पर्चा खारिज होने पर फूट-फूट कर रोया, बोला मैंने अपना मकान सोना चांदी सब कुछ बेच दिया

Lok sabha election 2024: लोकसभा चुनाव में पर्चा खारिज होने पर प्रत्याशी फूट-फूट कर रोया। उसने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए हमने अपना मकान सोने चांदी सब कुछ भेज दिया। अब मैं बर्बाद हो गया।

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May 08, 2024
पर्चा खारिज होने पर फूट-फूट कर रोता निर्दल प्रत्याशी

Lok sabha election 2024: यूपी के जौनपुर जिले में एक व्यक्ति ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन किया था। उसके पर्चे में कुछ कमी पाए जाने पर निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया। पर्चा खारिज होते ही वह फूट-फूट कर रोने लगा। उसने कहा कि उसका शौक था लोकसभा चुनाव लड़ने का उसे एक ही वोट मिले इसका उसे कोई गम नहीं है। लेकिन चुनाव लड़ने के लिए उसने अपना मकान, सोने- चांदी सब कुछ बेंच दिया। पर्चा खारिज होने के पीछे उसने अपने वकील पर आरोप लगाया कहां कि मुंह मांगा पैसा दिया। अब मेरा पर्चा खारिज हो गया। तो वह भाग गए। कहते हैं कि मेरी कोई गलती नहीं है।

Lok sabha election 2024: यूपी के जौनपुर लोकसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी के रूप में अमित कुमार सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए पर्चा दाखिल किया था। नामांकन पत्र में कमी पाए जाने पर निर्वाचन अधिकारी ने उसे खारिज कर दिया। पर्चा खारिज होने के बाद वह नामांकन स्थल पर रोने लगा। उसने अपने अधिवक्ता पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे वकील ने कहा था। मैं गारंटी लेता हूं। पर्चा खारिज नहीं होगा। अब जब पर्चा खारिज हो गया है। तो वह भाग गए हैं। मालूम नहीं है किधर गए हैं। जब मैंने उनको फोन किया तो बोले हमारी गलती नहीं है। निर्दल प्रत्याशी ने कहा फिर किसकी गलती है। सब पेपर तुमने 29 तारीख को ट्रेजरी चालान भरवाया, मैं 25 हजार जमा करके आया। करंट अकाउंट में पैसा डालने के लिए कहा था। उसमें मैंने पैसा जमा किया। क्या नहीं किया? चार से 5 दिन यहां खड़े रहे। कितना दिन भाग के मैं यहां आया। लोगों ने मेरा खारिज करा दिया।

पर्चा खारिज होने पर निर्दल ने प्रत्याशी रोते हुए बोला मैंने अपना सब कुछ बेच दिया अब मैं बर्बाद हो गया

एक सवाल के जवाब में उसने कहा कि वह निर्दल चुनाव लड़ रहा है। पर्चा खारिज होने का कारण ट्रेजरी चालान 25 हजार का नहीं लगा था। रोते हुए प्रत्याशी ने कहा कि उनको देखना चाहिए। मैं वकील नहीं हूं। तुमने किस चीज का मुंह मांगा रुपया लिया। वकील ने 5 हजार रुपए मांगे थे। मैं 1 रुपया नहीं छुड़ाया। अभी वो भाग गए है। मैं घर बेंचा है। अपना, सोना चांदी सब बेंच डाला। मैं, बर्बाद हो गया। तीस पैंतीस लाख रुपए खर्च करके, डीएम के ऑफिस में सीसीटीवी क्यों नहीं है? हर जगह सीसीटीवी है। उनके चेंबर में क्यों नहीं है? एक-एक पन्ना उन्होंने चेक किया। कल क्यों नहीं बताया मेरे को? मैं वहां पर देता उनको, अपना मकान सब कुछ बेचकर चुनाव लड़ रहा था। ख्वाहिश थी कि एक वोट भी मिलेगा तो चलेगा। सांसदी चुनाव लड़ रहा था। वह रोते हुए धमकी देने लगा अभी तांडव होगा। 2 महीने से बिना खाए पिए दौड़ रहा हूं। अभी तक मैं खाना नहीं खाया।

Updated on:
29 Oct 2024 08:21 pm
Published on:
08 May 2024 08:49 am
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