कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने SIR को लेकर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि PDA वर्ग के वोट काटे जाने की बात पूरी तरह भ्रामक है।
शुक्रवार को पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर जौनपुर में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, इस दौरान मीडिया से बातचीत ने उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला।
श्री राजभर ने कहा कि SIR प्रक्रिया को लेकर PDA के वोट काटे जाने का आरोप पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि BJP और NDA में शामिल ओमप्रकाश राजभर, केशव प्रसाद मौर्य, संजय चौहान और अनुप्रिया पटेल भी PDA वर्ग से आते हैं, फिर उनके वोट क्यों नहीं कट रहे।
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सड़कों पर बयानबाजी कर समाज को गुमराह कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि बूथ स्तर पर सपा के कार्यकर्ता वोट बढ़ाने, कटवाने और नाम संशोधन का काम कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि SIR सरकार का नहीं, बल्कि इलेक्शन कमीशन का काम है और वह पूरी निष्पक्षता से प्रक्रिया संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने समय सीमा भी बढ़ाई है और यह भरोसा दिया है कि बिना सूचना के किसी का नाम नहीं काटा जाएगा।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को गलत बताते हुए राजभर ने कहा कि जो नेता इसी आयोग के जरिए सांसद-विधायक बने हैं, उन्हें पहले नैतिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि आयोग पर भरोसा नहीं है तो ऐसे नेताओं को पहले इस्तीफा देना चाहिए।
सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि 2027 में सपा की स्थिति 2017 से भी कमजोर होगी। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि विकास के मुद्दों पर बात करने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप किया जा रहा है। देश हो या प्रदेश भाजपा सरकार में सड़कों, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों में रिकॉर्ड प्रगति हुई है।
राजभर ने कहा कि आगामी चुनावों को लेकर कहा कि 22 फरवरी को आजमगढ़ के अहिरौला गांव में बड़ी जनसभा कर 2027 के चुनाव का बिगुल फूंका जाएगा। पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और समय पर चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 62 सीटों पर तैयारी कर रही है भाजपा को बड़ी पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा कि सीटों का फैसला आपसी सहमति से होगा।