जौनपुर

‘ऑपरेशन स्माइल’ से जौनपुर और फर्रुखाबाद में ट्रैक किए गए 341 मोबाइल, मालिकों को लौटाए 77 लाख के फोन

UP Police Mobile Recovery : यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी! जौनपुर और फर्रुखाबाद में सर्विलांस टीम ने 77 लाख रुपये कीमत के 341 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को सौंपे। जानें कैसे काम करता है रिकवरी सिस्टम।
2 min read
Feature image
जौनपुर और फर्रूखाबाद पुलिस ने ट्रैक किए 77 लाख के फोन, PC- Patrika

जौनपुर/फर्रूखाबाद : उत्तर प्रदेश पुलिस की सर्विलांस और साइबर सेल टीमों ने तकनीक और तत्परता का परिचय देते हुए गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का एक बड़ा अभियान चलाया है। मंगलवार को जौनपुर और फर्रुखाबाद जिलों में कुल 341 स्मार्टफोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए, जिनकी कुल बाजार कीमत लगभग 77 लाख रुपये आंकी गई है।

साइबर सेल की बड़ी स्ट्राइक

जौनपुर पुलिस की साइबर सेल ने CEIR पोर्टल की मदद से एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि टीम ने कुल 240 मोबाइल फोन ट्रैक कर बरामद किए, जिनकी कीमत करीब 55 लाख रुपये है।

ये फोन केवल उत्तर प्रदेश के जिलों (वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर) से ही नहीं, बल्कि दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों से भी बरामद किए गए हैं।

जौनपुर पुलिस अब तक कुल 1,400 मोबाइल बरामद कर चुकी है। पुलिस की कार्यकुशलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से एक फोन तो महज 24 घंटे के भीतर रिकवर कर लिया गया।

22 लाख के 101 स्मार्टफोन मालिकों को मिले वापस

उधर, फर्रुखाबाद में भी सर्विलांस टीम ने अपनी मेहनत से 101 एंड्रॉइड फोन बरामद किए। फतेहगढ़ पुलिस लाइन में प्रभारी सीओ संजय वर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एसपी आरती सिंह के निर्देशन में टीम ने जिले और आसपास के क्षेत्रों से इन फोनों को ट्रैक किया। बरामद किए गए फोनों की कीमत करीब 22 लाख रुपये है। फोन वापस मिलते ही मालिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने पुलिस टीम की जमकर सराहना की।

मोबाइल खो जाए तो क्या करें?

दोनों ही जिलों के पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि इन कदमों का पालन करें, मोबाइल खोते ही नजदीकी थाने के 'साइबर हेल्प डेस्क' पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। अपने फोन का आईएमईआई नंबर हमेशा सुरक्षित रखें। भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर अपना आईएमईआई नंबर रजिस्टर और ट्रैक कराएं। जितनी जल्दी आप सूचना देंगे, पुलिस के लिए फोन रिकवर करना उतना ही आसान होगा।

Updated on:
31 Mar 2026 08:37 pm
Published on:
31 Mar 2026 08:37 pm